
excess vitamin D side effects
excess vitamin D side effects
राहुल को अचानक उल्टी, मतली, सीने में दर्द, पैरों में ऐंठन, कानों में घंटी बजने जैसी आवाज, मुंह सूखना और बार-बार प्यास लगने लगी. शुरुआत में उसे लगा कि ये थकान या पेट की आम दिक्कतें होंगी. लेकिन जब वजन तेजी से घटने लगा और कमजोरी बढ़ी, तो जांच कराई. तब पता चला कि उसकी परेशानी की वजह कोई बीमारी नहीं, बल्कि विटामिन डी का जरूरत से ज्यादा सेवन था. इस बीमारी को हाइपरविटामिनोसिस D कहा जाता है.
विटामिन डी का ओवरडोज है खतरनाक
हाइपरविटामिनोसिस D एक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें शरीर में विटामिन D की मात्रा जरूरत से बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. यह स्थिति आमतौर पर धूप या खाने से नहीं, बल्कि लंबे समय तक हाई-डोज विटामिन D सप्लीमेंट लेने की वजह से होती है. हाल के सालों में इसके मामले बढ़े हैं और यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है.
विटामिन डी की अनुशंसित मात्रा 600 IU (इंटरनेशनल यूनिट) प्रतिदिन होती है, न कि मिलीग्राम. अगर आप इस तय मात्रा से ज्यादा विटामिन डी ले रहे हैं तो ये आपकी सेहत के लिए खतरनाक है.

क्यों खतरनाक है हाइपरविटामिनोसिस D
विटामिन D शरीर में कैल्शियम को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है. जब विटामिन D जरूरत से ज्यादा हो जाता है, तो खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है. इस स्थिति को हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं, जो कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है.
हाइपरविटामिनोसिस D के लक्षण
इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और कई बार लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं:
बार-बार उल्टी और मतली
मुंह का सूखना, ज्यादा प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
सीने में दर्द
पैरों में ऐंठन और कमजोरी
वजन तेजी से घटना
कानों में घंटी बजने जैसी आवाज
थकान और चक्कर
गंभीर मामलों में किडनी खराब होना
विटामिन डी कहां से लें, कितना लें
डॉक्टरों के अनुसार, विटामिन डी, धूप, मछली, मशरूम से प्राकृतिक रूप से मिल सकता है. सर्दियों मेंलजब धूप कम मिलती है, तभी विटामिन डी के सप्लीमेंट लें. इसके अलावा बिना ब्लड टेस्ट के हाई-डोज विटामिन D न लें. एक साथ कई सप्लीमेंट लेने से बचें. विटामिन D जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा विटामिन D दवा नहीं, जहर बन सकता है.