
Dental Health
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हम अपने दांतों की साफ-सफाई को लेकर सचेत तो रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद कभी-कभार मसूड़ों में सूजन, दांतों की कमजोरी और ओरल हेल्थ से जुड़ी अन्य समस्याएं होना आम बात है. हाल ही में विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ ओरल हाइजीन ही नहीं, बल्कि हमारा खानपान भी दांतों को नुकसान पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाता है. आजकल लोग कोला, एनर्जी ड्रिंक या रेड वाइन जैसे ड्रिंक्स तो पीते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चलता कि ये उनकी दांतों की सेहत पर कितना गंभीर असर डाल सकते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 3 अरब 70 करोड़ लोग किसी न किसी तरह की ओरल बीमारी से प्रभावित हैं. इसका मुख्य कारण खराब डाइट और अपर्याप्त हाइजीन माना जाता है.
इसी विषय पर नोएडा के NUMED सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैक्सिलोफेशियल एंड डेंटल विभाग की प्रमुख डॉ. सुमन यादव से GNT ने बात की और जाना कि कौन-सी ड्रिंक और आदतें दांतों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है.
कौन से ड्रिंक दांतों पर सबसे ज्यादा पीलापन छोड़ते हैं?
डॉ. सुमन यादव बताती हैं, चाय और कॉफी दांतों पर दाग लगाने वाले सबसे बड़े कारणों में से हैं. इनमें मौजूद टैनिन नामक गहरे रंग के तत्व दांतों के इनेमल पर चिपक जाते हैं, जिससे दांत पीले दिखने लगते हैं. रेड वाइन में भी टैनिन और रंगीन पिगमेंट होते हैं, जो दांतों को डिसकलर करते हैं. वहीं कोला और एनर्जी ड्रिंक सीधे ज्यादा दाग नहीं लगाते, लेकिन इनमें मौजूद एसिड इनेमल को कमजोर कर देता है, जिससे दांत धीरे-धीरे पीले और संवेदनशील हो जाते हैं.
चाय, कॉफी, कोला, रेड वाइन और एनर्जी ड्रिंक में सबसे ज्यादा नुकसान कौन करता है?
डॉक्टर का कहना है कि कोई एक ड्रिंक सबसे ज्यादा नुकसानदायक नहीं है, लेकिन एनर्जी ड्रिंक और कोला को सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है. इसकी वजह इनमें मौजूद एसिडिटी है, जो दांतों के इनेमल को कमजोर और घिस देता है. रेड वाइन में रंग और एसिड दोनों होते हैं, जिससे दांतों पर दाग और क्षरण दोनों का असर होता है. चाय और कॉफी मुख्य रूप से दाग लगाते हैं, लेकिन लगातार सेवन से इनेमल धीरे-धीरे प्रभावित हो सकता है. जितनी ज्यादा बार इनका सेवन किया जाएगा, नुकसान उतना ही बढ़ेगा.
क्या शुगर-फ्री सॉफ्ट ड्रिंक दांतों के लिए सुरक्षित हैं?
शुगर-फ्री सॉफ्ट ड्रिंक, शक्कर वाले ड्रिंक की तुलना में कैविटी के लिहाज से थोड़े बेहतर होते हैं क्योंकि इनमें बैक्टीरिया को फीड करने के लिए चीनी नहीं होती. लेकिन ये पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. इनमें मौजूद फॉस्फोरिक और सिट्रिक एसिड दांतों के इनेमल को धीरे-धीरे खराब कर सकते हैं. लंबे समय तक सेवन से दांतों में संवेदनशीलता, पीलापन और अन्य डेंटल समस्याएं बढ़ सकती हैं.
किन संकेतों से पता चलता है कि दांतों को नुकसान हो रहा है?
कुछ शुरुआती संकेतों से समझा जा सकता है कि दांतों पर ड्रिंक्स का असर पड़ रहा है-
दांतों का पीला पड़ना या दाग लगना
ठंडी, गर्म या मीठी चीजों पर संवेदनशीलता
इनेमल का पतला या खुरदरा होना
दांतों का फीका या डल दिखना
छोटे-छोटे चिप्स या क्रैक
कैविटी बढ़ना
लगातार बदबू या मसूड़ों में जलन
दांतों की सुरक्षा के लिए रोजाना क्या आदतें अपनानी चाहिए?

चाय, कॉफी या सॉफ्ट ड्रिंक एक बार में पिएं, बार-बार घूंट-घूंट नहीं
स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें
पीने के बाद पानी से कुल्ला करें
तुरंत ब्रश न करें, 30 मिनट बाद करें
दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करें
रोजाना फ्लॉस करें
नियमित डेंटल चेकअप कराएं
कौन से फूड्स ओरल हेल्थ के लिए नुकसानदायक हैं?
प्रोसेस्ड फूड्स: ये दांतों के बीच फंस जाते हैं और बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं. सफेद ब्रेड भी चीनी जैसा असर करती है.
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स: इनमें चीनी और एसिड दोनों होते हैं, जो इनेमल को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं.
कैंडी और सूखे मेवे: खट्टी कैंडी एसिड बढ़ाती है और लंबे समय तक दांतों पर असर डालती है. किशमिश और खजूर जैसे सूखे मेवे चिपककर सड़न बढ़ाते हैं.
बर्फ चबाना: यह दांतों में दरार डाल सकता है और इनेमल को नुकसान पहुंचाता है.

ओरल हेल्थ बेहतर बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
ओरल हेल्थ बेहतर बनाए रखने के लिए अपने आहार में फैटी फिश जैसे Salmon और Sardine, दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक फूड, शुगर-फ्री गम को शामिल करें. साथ ही, दिन में दो बार ब्रश करें, रोज फ्लॉस का उपयोग करें, जीभ की नियमित सफाई करें, एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का इस्तेमाल करें, स्मोकिंग से बचें, मीठा खाने के बाद कुल्ला करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और दांतों व मसूड़ों की अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए साल में 1-2 बार डेंटल चेकअप जरूर करवाएं.