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Connection Between Diabetes and Planets: डायबिटिज का क्या है ग्रहों से कनेक्शन, कब अपनी गिरफ्त में लेता है मधुमेह, जानें ज्योतिष में क्या है शुगर की बीमारी से बचने के उपाय?  

Astrological Remedies to Prevent Diabetes: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक डायबिटीज का संबंध मुख्य रूप से बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा ग्रहों से होता है. यहां आप जान सकते हैं डायबिटिज कब अपनी गिरफ्त में लेता है और ज्योतिष में क्या है इस बीमारी से बचने के उपाय?

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Astrological Remedies to Prevent Diabetes Astrological Remedies to Prevent Diabetes

Which Planets Cause Diabetes: डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी इस समय काफी तेज से पैर पसार रही है. क्‍या डायबिटीज की बीमारी का हमारे ग्रह-नक्षत्रों से भी कोई कनेक्‍शन है? यदि हां तो क्‍या है. यहां आप जान सकते हैं डायबिटिज कब अपनी गिरफ्त में लेता है और ज्योतिष में क्या है इस बीमारी से बचने के उपाय?

शरीर में विशेष रसायन इन्सुलिन की कमी से डायबिटीज (मधुमेह) होती है. इन्सुलिन कम हो जाने से ग्लूकोज के पचने में मुश्किल होती है. ज्योतिष में शुक्र और चन्द्रमा, दोनों ही जल तत्व और रसायन के कारण होते हैं. बृहस्पति पाचन तंत्र का स्वामी होता है. इन तीनों में से कोई एक भी ज्यादा कमजोर या खराब होगा तो डाइबिटीज हो जाएगी. जब भी कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो, अस्त हो या शत्रु राशि में हो तो डायबिटीज हो जाती है. जब चन्द्रमा की स्थिति अत्यंत खराब हो तो तनाव के कारण डायबिटीज हो जाती है. डायबिटीज की बीमारी अनुवाशिंक भी होती है और खराब जीवनशैली के कारण भी होती है. शुगर के मरीजों को अपने खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि मधुमेह के मरीज का ब्लड शुगर लेवल का ना तो सामान्य से अधिक होना ठीक रहता है और ना ही सामान्य से कम होना ठीक रहता है. 

डायबिटीज की कैसे करें पहचान 
यदि हथेलियों का रंग कालेपन की तरफ हो. शुक्र के पर्वत पर रेखाओं का जाल हो. चन्द्रमा पर ढेर सारी छोटी-छोटी लकीरें हों. अगर आपके घर में सूर्य का प्रकाश नहीं आता हो. अगर घर में अनुपयोगी सामानों का ढेर लगा रहता हो. डायबिटीज के लक्षण में अधिक प्यास लगना, अधिक पेशाब आना, अधिक भूख लगना, वजन कम होना होता है. यदि मामला गंभीर है तो बेहोशी आना, दौरा पड़ना और व्यवहारिक बदलाव देखने को मिलता है.

डायबिटीज से बचने के उपाय 
नित्य प्रातः उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाएं. जहां तक हो सके घर में सूर्य के प्रकाश की व्यवस्था करें. दोपहर के भोजन में दही का प्रयोग जरूर करें. सफेद रंग का ओपल जरूर धारण करें. हीरा धारण करने से बचें. अंगूठे में चांदी का छल्ला धारण करना भी लाभकारी होगा. धनुरासन और पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करें.