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AI और आपकी सेहत: डॉक्टर गूगल पर कितना करें भरोसा? देखिए रिपोर्ट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्वास्थ्य सेवाओं में उसकी भूमिका पर विशेषज्ञों ने चर्चा की. उन्होंने बताया कि AI एप्लिकेशन सामान्य डेटा पर आधारित होती हैं, जिसका आँख बंद करके पालन करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं. स्वास्थ्य सेवा में AI द्वारा प्रदान किए गए डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए, क्योंकि यह अक्सर बाहरी देशों से आता है और भारतीय संदर्भ में उपयुक्त नहीं हो सकता. एक विशेषज्ञ ने स्पष्ट किया कि "जो ट्रीटमेंट आराम है चाहे गूगल का हो, चाहे वो एआई का हो, वो बिल्कुल रिलायबल नहीं है. ट्रीटमेंट आराम जो है वो डॉक्टर का है" फिटनेस के मामले में भी AI को अविश्वसनीय बताया गया, क्योंकि बाहरी सुंदरता स्वस्थ शरीर का प्रमाण नहीं है. बायोकेमिस्ट्री और पारिवारिक इतिहास का विश्लेषण केवल एक डॉक्टर ही कर सकता है. AI केवल जानकारी दे सकता है, लेकिन वास्तविक उपयोग के लिए मानवीय मस्तिष्क की आवश्यकता है. AI के सुझावों पर रक्त परीक्षण कराने की सलाह नहीं दी गई, क्योंकि इससे अनावश्यक परीक्षणों की सूची बन सकती है. विशेषज्ञों ने कहा कि AI चिकित्सा निदान में केवल 7-10% ही विश्वसनीय है. अंत में, यह निष्कर्ष निकला कि डॉक्टर गूगल की बजाय अपने डॉक्टर पर भरोसा करना अधिक सही है.