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जाको राखे साइयां...12 दिन की मासूम को नाले में फेंका, पुलिस ने बचाई जान

मुंबई में मां-बाप ने 12 दिन की मासूम को नाले में फेंक दिया. बच्ची के रोने की आवाज सुन स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी. मौके पर पहुंची महिला पुलिस बच्ची को नाले से बाहर निकाला और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया. बच्ची की हालत अब ठीक है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
  • ठंडा पड़ने लगा था बच्ची का शरीर

  • रोने की आवाज सुन लोगों ने पुलिस को दी सूचना

वो कहते हैं ना जाको राखे साइयां मार सके न कोय. कुछ ऐसा ही हुआ है मुंबई में जहां मां-बाप ने अपने 12 साल के मासूम को नाले में फेंक दिया. लेकिन, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची की जान बचा ली. बच्ची को प्यार से परी नाम दिया गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बच्ची का हालत ठीक है. लोगों का कहना है कि जिस तरह से बच्ची को फेंका गया था उससे उसके बचने की उम्मीद बहुत कम थी.

बच्ची के रोने की आवाज सुन पुलिस को दी सूचना
इससे पहले रविवार को कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि घटकोपर में रामबाई नगर के पास नाले से बच्ची के रोने की आवाज आ रही है. यह सुनते ही महिला पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को बाहर निकाला. शरीर हल्का होने की वजह से बच्ची डूबी नहीं. जब उसे बाहर निकाला गया तो उसकी सांसें चल रही थी. पुलिस बच्ची को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची और उसका इलाज शुरू किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है. पंतनगर पुलिस ने बच्ची के अज्ञात मां-बाप के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश कर रही है.

नाले के किनारे पर थी बच्ची
कान्स्टेबल शीतल सोनवने ने बताया कि करीब ढाई फुट ऊंचा नाला था. इसके किनारे पर बच्ची बह रही थी. जब पुलिस की टीम पहुंची तब बच्ची के रोने की आवाज धीमी पड़ रही थी. ऐसा लग रहा था कि करीब एक घंटे पहले ही बच्ची को छोड़ा गया है. बच्ची को देखते ही पुलिस की टीम ने उसे बाहर निकाला और उसे तुरंत अस्पताल ले गए. गनीमत थी कि लोगों ने समय रहते पुलिस को जानकारी दी और बच्ची की जान बचाई जा सकी.

ठंडा पड़ गया था बच्ची का शरीर
कान्स्टेबल शीतल सोनवने और एएसआई विट्ठल पारधि ने जब बच्ची को उठाया तो उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था. उसके हाथ नीले पड़ने लगे थे. शीतल ने बताया कि आसपास के लोगों से पानी मांगा और बच्ची के शरीर को साफ किया. इसके बाद बच्ची के लिए दूध की बोतल की व्यवस्था की गई लेकिन, इसके बावजूद बच्ची लगातार रो रही थी. फिर तुरंत बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत अब ठीक है.