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साल का वो दिन जब देश को मिली पहली महिला प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी के वो फैसले जिन्होंने बदलकर रख दिया इतिहास

इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में आनंद भवन में हुआ था. अपने दृढ़ निश्चय, साहस और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता के कारण इंदिरा गांधी को विश्व राजनीति में 'लौह महिला' के रूप में जाना जाता है.

Indira Gandhi Indira Gandhi

आज का इतिहास हमारे लिए कई मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि साल 1966 में 19 जनवरी ही वो दिन था जब देश को इंदिरा गांधी के रूप में अपनी पहली महिला प्रधानमंत्री मिली थीं. तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद इंदिरा गांधी ने वह कुर्सी संभाली जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार उनके पिता जवाहर लाल नेहरू ने संभाली थी. वह 1967 से 1977 और फिर 1980 से 1984 में उनकी मृत्यु तक इस पद पर रहीं.

इंदिरा गांधी देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं. इंदिरा गांधी ने कई बड़े फैसले लिए, जिनकी वजह से कई बार तो वह प्रशंसा की पात्र तो कई बार उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा.  1975 में आपातकाल की घोषणा और 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेना भेजने के फैसले उनके जीवन पर भारी पड़े. आपातकाल के बाद जहां उन्हें सत्ता भी गंवानी पड़ी. वहीं स्वर्ण मंदिर में सेना भेजने के फैसले की कीमत उन्हें अपने सिख अंगरक्षकों के हाथों जान देकर चुकानी पड़ी.

इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी था. इंदिरा गांधी के घर का नाम इंदु था. उन्होंने साल 1942 में पिता के खिलाफ जाकर फिरोज से शादी की थी. जवाहरलाल नेहरू को इंदिरा और फिरोज के रिश्ते से सख्त ऐतराज था. इंदिरा गांधी उस समय गुजरात के लाल और भूतपूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को हराकर प्रधानमंत्री बनीं थीं. प्रधानमंत्री बनने के लिए इंदिरा को देश के 16 में से 11 राज्यों का समर्थन प्राप्त था. 

इंदिरा की लड़ाई अपने पक्ष के नेता गुलजारीलाल नंदा और मोरारजी देसाई से थी. लेकिन अचानक लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद कार्यकारी प्रधानमंत्री बने गुलजारीलाल ने पीएम पद की रेस से अपना नाम वापस ले लिया. अब इंदिरा के सामने सिर्फ मोराजी देसाई थे. कांग्रेस के 525 सांसदों में से 169 सांसदों ने मोराजी का समर्थन किया लेकिन प्रधानमंत्री बनने के लिए ये आंकड़ा कम था. इस तरह 9 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं.

इंदिरा गांधी के महत्वपूर्ण फैसले

  • इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए 19 जुलाई, 1969 को बैंकों के राष्ट्रीयकरण का अध्यादेश लाईं.
  • इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी टीस हमेशा उसको महसूस होती रहेगी. पाकिस्तान के लिए यह जख्म 1971 के बांग्लादेश युद्ध के रूप में था. 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश बना।
  • इंदिरा के नेतृत्व में 1974 में परमाणु परीक्षण करके भारत ने दुनिया को हैरत में डाल दिया था.
  • इंदिरा ने अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में आपरेशन ब्लू स्टार चलाया था, जिसमें भिंडरावाला और उसके समर्थकों को मार गिराया था.इस ऑपरेशन ने पूरे पंजाब को हिलाकर रख दिया था. सिखों के धार्मिक स्थल पर ऐसी कार्रवाई से पूरा सिख समाज उनके खिलाफ हो गया था.1 जून, 1984 से 8 जून, 1984 तक चले इस अभियान में सैकड़ों लोग मारे गए. ब्लू ऑपरेशन से नाराज सिख समाज उनके खिलाफ हो गया. इस वजह से इंदिरा गांधी के अंगरक्षकों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने 31 अक्टूबर, 1984 को उन्हें घर के लॉन में उन्हें गोली मारी दी थी.