8th Pay Commission
8th Pay Commission
8th pay commission: देशभर के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इन दिनों 8 वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है. आयोग की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही वेतन में अच्छी बढ़ोतरी और एरियर मिलने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं. हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय है, लेकिन शुरुआती अनुमानों ने ही लाखों कर्मचारियों में उत्साह पैदा कर दिया है.
सैलरी बढ़ोतरी में हो सकती है देरी
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही 8वां वेतन आयोग कागजों पर 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाए, लेकिन कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई सैलरी आने में देरी हो सकती है. संभावना है कि नई सैलरी का लाभ 2026 के अंत तक या वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान मिलना शुरू होगा. इससे पहले भी पिछले वेतन आयोगों में इसी तरह की देरी देखने को मिली थी.
30-34% तक बढ़ सकती है सैलरी
रिपोर्ट्स की मानें तो, इस बार वेतन और पेंशन में 30 से 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका लाभ लगभग 1.1 करोड़ (11 मिलियन) कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारी हैं. इसके अलावा लगभग 69 लाख पेंशनभोगी पुरानी पेंशन योजना के तहत आते हैं, जबकि करीब 49,802 लोग नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े हैं. अंतिम वेतन वृद्धि कई कारकों पर निर्भर करेगी. इनमें पे मैट्रिक्स में बदलाव, भत्तों (अलाउंस) में संशोधन और फिटमेंट फैक्टर शामिल हैं.
परामर्श प्रक्रिया जारी, 31 मार्च तक दें सुझाव
वर्तमान में 8 वें वेतन आयोग की प्रक्रिया परामर्श चरण में है. सरकार ने सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं. सुझाव देने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई है. सभी प्रतिक्रियाएं केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा करनी होंगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईमेल, पीडीएफ या फिजिकल कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी होती है, तो इससे लोगों की खरीद क्षमता बढ़ेगी, जिससे बाजार में मांग और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है.
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