A Raibrailly man received a gst notice of Rs 1.25 crore
A Raibrailly man received a gst notice of Rs 1.25 crore
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दो-दो रुपए के कुल्हड़ और मिट्टी के बर्तन बनाकर गुजारा करने वाले एक कुम्हार को जीएसटी विभाग की ओर से 1 करोड़ 25 लाख 297 रुपए का नोटिस भेजा गया है. नोटिस मिलने के बाद परिवार सदमे में है और न्याय की मांग को लेकर जिला अधिकारी के पास पहुंचा है.
परिवार का गुजारा मिट्टी के बर्तनों से
रायबरेली के हरचंदपुर थाने के पास रहने वाले मोहम्मद सईद का कहना है कि वह मिट्टी के बर्तन बेचकर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. वह कुल्हड़ और अन्य मिट्टी के सामान बनाकर होटलों में 10-20 रुपए सैकड़ा के हिसाब से बेचते हैं. इसी से उनके परिवार का खर्च चलता है.
पैन और आधार के दुरुपयोग का आरोप
सईद के मुताबिक, कुछ साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने रोजगार दिलाने और लोन कराने के नाम पर उनका पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाया था. बाद में वह व्यक्ति गायब हो गया और लोन भी नहीं मिला. उनका कहना है कि उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया. आरोप है कि बिहार में किसी फर्जी फर्म के जरिए उनके नाम पर कारोबार दिखाया गया और दस्तावेजों में हेराफेरी की गई. इसी वजह से उनका नाम जीएसटी मामले में आ गया.
पहले भी आया था नोटिस
सईद बताते हैं कि सितंबर 2025 में भी उन्हें जीएसटी का एक नोटिस मिला था, लेकिन उन्होंने उसे गंभीरता से नहीं लिया क्योंकि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं. करीब छह-सात महीने पहले भी एक नोटिस आया था, जिसे उन्होंने किसी से पढ़वाया नहीं. इस बार 15 तारीख को जब नोटिस आया और पढ़वाया गया, तब पता चला कि 1 करोड़ 25 लाख 297 रुपए का टैक्स बकाया दिखाया गया है. यह सुनकर पूरा परिवार घबरा गया.
चार फर्म दिखाए जाने का दावा
जानकारी के अनुसार, उनके नाम पर पटना में चार कंपनियां चलने की बात सामने आई है. सईद का कहना है कि उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है. वे कहते हैं कि यदि उन्होंने कोई गलत काम किया हो तो जांच कर सजा दी जाए, लेकिन वे खुद को निर्दोष बताते हैं.
परिवार की स्थिति
सईद के परिवार में पत्नी सहित पांच सदस्य हैं. बड़ा बेटा फरीद (20 वर्ष) और छोटा बेटा माना (18 वर्ष) पिता के साथ कुम्हारी का काम करते हैं. रजिया (16 वर्ष), सभा (14 वर्ष) और नूर आलम (10 वर्ष) घर पर रहते हैं. बेटियां अपनी मां राबिया बानो का घर के काम में हाथ बंटाती हैं. परिवार का कहना है कि वे गरीब और अनपढ़ हैं तथा न्याय की मांग कर रहे हैं.
(रिपोर्ट- शैलेंद्र प्रताप सिंह)