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MGNREGS workers: मनरेगा वर्कर्स के लिए अब जरूरी होगा Aadhaar-based Payment सिस्टम

आधार-बेस्ड पेमेंट सिस्टम से ही मजदूरों को पैसे दिए जाएंगेे. ABPS एक तरह का इंटरबैंक सिस्टम है जिसका उपयोग सब्सिडी और वेतन जैसे थोक भुगतान के लिए किया जाता है. 

MGNREGS workers MGNREGS workers
हाइलाइट्स
  • कई श्रमिक हैं इसके लिए अयोग्य 

  • इससे पहले की गए थी घोषणा 

मनरेगा वर्कर्स के लिए पेमेंट्स के नियम बदल गए हैं. अब सभी मजदूरों के लिए आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम जरूरी हो गया है. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत आने वाले सभी मजदूरों को आधार-बेस्ड पेमेंट सिस्टम (ABPS) का पालन करना होगा. इस सिस्टम के लिए श्रमिकों की आधार डिटेल्स को उनके जॉब कार्ड से जोड़ना जरूरी हो गया है. इसकी मदद से पेमेंट और बेहतर तरीके से की जा सकेगी.

2023 में की गई थी घोषणा 

बता दें, एबीपीएस के तहत, श्रमिकों के 12 अंकों के आधार नंबर उनके जॉब कार्ड के साथ-साथ उनके बैंक खातों से जुड़े हुए हैं. इस सिस्टम को पहली बार 1 फरवरी, 2023 से अनिवार्य बनाया गया था. ये तरह का एक इंटरबैंक सिस्टम है जिसका उपयोग सब्सिडी और वेतन जैसे थोक भुगतान के लिए किया जाता है. 

अब नहीं बढ़ाई गई डेडलाइन

हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब इसकी घोषणा की गई है. एबीपीएस को लेकर पिछले साल भी घोषणा की गई थी, जिसकी डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया गया था. इससे राज्य सरकारों को डेटाबेस को सिंक्रनाइज करने का समय मिल गया. एबीपीएस को लागू करने का निर्देश पहली बार 30 जनवरी, 2023 को जारी किया गया था, जिसे बाद में 1 फरवरी, 31 मार्च, 30 जून, 31 अगस्त तक बढ़ाया गया और 31 दिसंबर को अंतिम समय सीमा तय की गई. लेकिन 31 दिसंबर के बाद इस डेडलाइन को नहीं बढ़ाया गया है, जिसके कारण एबीपीएस 1 जनवरी, 2024 से जरूरी हो गया है.

कई मजदूर हैं इसके लिए अयोग्य 

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 27 दिसंबर, 34.8% जॉब कार्ड धारक अभी भी एबीपीएस के लिए अयोग्य हैं. द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों का कहना है कि समय सीमा को आगे न बढ़ाने का निर्णय मुख्य रूप से सक्रिय श्रमिकों पर आधारित है. 27 दिसंबर तक, मनरेगा के तहत 25.25 करोड़ पंजीकृत श्रमिक हैं. और इनमें से 12.7% सक्रिय श्रमिक एबीपीएस के लिए अयोग्य हैं.

कब मिलेगी छूट?

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "भारत सरकार ने लाभार्थियों को उनके बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है. अगर राज्य के किसी जिले की किसी ग्राम पंचायत में तकनीकी समस्या या आधार से संबंधित समस्या है, तो भारत सरकार समस्या के समाधान तक मामले-दर-मामले आधार पर एपीबीएस से छूट पर विचार कर सकती है.”