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Anurag Dhanda: अनुराग ढांडा ने लगाए आरोप! 37000 खिलाड़ियों को हरियाणा की नायब सरकार ने एक साल से नहीं दिया डाइट का खर्च, 75 हजार बुजुर्गों की काटी पेंशन

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हरियाणा में आज सरकार पूरी तरह 'फन्नी सीएम मॉडल' पर चल रही है.

Anurag Dhanda Anurag Dhanda

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा (Anurag Dhanda) ने हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हरियाणा में आज सरकार पूरी तरह 'फन्नी सीएम मॉडल' पर चल रही है, जहां जनता की तकलीफ, खिलाड़ियों का भविष्य और बुज़ुर्गों की जिंदगी सरकार के एजेंडे से बाहर हो चुकी है. हरियाणा का नाम कभी खेलों और मेहनत की मिसाल के तौर पर लिया जाता था, लेकिन आज वही प्रदेश खिलाड़ियों की बदहाली, पेंशन कटौती और प्रशासनिक संवेदनहीनता की पहचान बनता जा रहा है.

...तो हरियाणा सरकार को लगता है ऐसा 
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि हरियाणा में 37 हजार खिलाड़ियों को पिछले एक साल से डाइट भत्ता नहीं मिला और सरकार इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताकर पल्ला झाड़ रही है. जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते, आज वही खिलाड़ी अपने खाने और पोषण के लिए परेशान हैं. खेल नर्सरियां बंद हैं, अभ्यास रुका हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सिंह के लिए यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. ऐसा लगता है जैसे सरकार को लगता है कि मेडल भाषणों और विज्ञापनों से आ जाते हैं, मैदान और पसीने से नहीं.

चरमरा गया है पूरा खेल तंत्र 
अनुराग ढांडा ने कहा कि स्थिति यहीं खत्म नहीं होती. खेल नर्सरियों में काम कर रहे कोचों को 10 महीने से सैलरी नहीं मिली, जिससे पूरा खेल तंत्र चरमरा गया है. जब कोच ही आर्थिक तनाव में होंगे, तो खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और ट्रेनिंग कैसे मिलेगी. लेकिन सरकार इस पर चुप है, मानो यह सब किसी और प्रदेश की समस्या हो. यही वजह है कि आज हरियाणा का खिलाड़ी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है.

बीजेपी सरकार को कठघरे में किया खड़ा 
अनुराग ढांडा ने बुज़ुर्गों के मुद्दे पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने 75 हजार बुज़ुर्गों की पेंशन काट दी और हैरानी की बात यह है कि किसान की फसल के दाम को कमाई बताकर उसकी पेंशन रोक दी गई, जो किसान जीवन भर खेतों में मेहनत करता रहा, उसी को बुढ़ापे में यह कहकर दंडित किया जा रहा है कि अब वह पेंशन का हकदार नहीं है. यह सिर्फ नीतिगत असफलता नहीं, बल्कि अमानवीय सोच का उदाहरण है.

नयाब सरकार गंभीर समस्याओं को भी ले रही हल्के में 
मुख्यमंत्री नायब सिंह की छवि अब एक ऐसे मुख्यमंत्री की बनती जा रही है, जिसे जनता के असली मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है. खिलाड़ी भूखे हैं, बुज़ुर्ग पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, किसान अपमानित महसूस कर रहे हैं, लेकिन सीएम साहब 'सब ठीक है' के भाव में नजर आते हैं. यही कारण है कि सोशल मीडिया और जनता के बीच उन्हें लेकर 'फन्नी सीएम' जैसी बातें हो रही हैं, क्योंकि सरकार गंभीर समस्याओं को भी हल्के में ले रही है. 

इसके उलट आम आदमी पार्टी ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो तो व्यवस्था बदली जा सकती है. पंजाब में खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय स्टेडियम, समय पर भत्ते, सम्मान और सुविधाएं दी जा रही हैं. आम आदमी पार्टी मानती है कि खिलाड़ी बोझ नहीं, प्रदेश की शान होते हैं. बुज़ुर्ग दया के नहीं, सम्मान के हकदार होते हैं. किसान सिर्फ आंकड़ा नहीं, अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है. अनुराग ढांडा ने साफ कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है और यही वजह है कि आम आदमी पार्टी इन मुद्दों को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उठाएगी. यह लड़ाई खिलाड़ियों के हक की है, बुज़ुर्गों के सम्मान की है और हरियाणा की आत्मा को बचाने की है. सरकार चाहे जितनी चिल बनी रहे, जनता अब सवाल पूछने लगी है और जवाब लेकर ही मानेगी.