scorecardresearch

Agra Waterlogging Protest: जगनेर में जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, ट्रैक्टरों में भजन-कीर्तन करते हुए पहुंचे खेरागढ़ तहसील

आगरा के जगनेर में पिछले 3 सालों से जलभराव और गंदगी की समस्या झेल रहे 200 परिवारों ने अनोखा प्रदर्शन दिखा। ग्रामीण 'गोविंद हरे... गोपाल हरे...' का कीर्तन करते हुए खेरागढ़ तहसील पहुंचे और मांग पूरी होने तक धरने पर बैठने की बात कही.

Advertisement
Agra Waterlogging Protest Agra Waterlogging Protest

आगरा के जगनेर में लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब प्रदर्शन के रूप में सामने आया. अपनी परेशानी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए महिलाएं और पुरुष हाथों में बैनर लेकर ट्रैक्टरों में सवार हुए और 'गोविंद हरे... गोपाल हरे...' का कीर्तन करते हुए खेरागढ़ तहसील पहुंच गए. तहसील परिसर में पहुंचने के बाद प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया और ग्रामीणों की अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई.

तीन साल से जलभराव की समस्या से परेशान हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि जगनेर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 और 7 में करीब तीन साल से जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है. बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है. गलियों और रास्तों में पानी भर जाने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों के मुताबिक, घरों के आसपास लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण करीब 200 परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि जमा पानी में बड़े-बड़े कीड़े भी निकल रहे हैं, जिससे लोगों में डर बना हुआ है.

कीर्तन करते हुए तहसील पहुंचे महिला और पुरुष
इस बार ग्रामीणों ने अपनी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए अलग तरीका अपनाया. महिलाएं और पुरुष ट्रैक्टरों में सवार होकर हाथों में बैनर लेकर तहसील पहुंचे. इस दौरान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से 'गोविंद हरे... गोपाल हरे...' का कीर्तन किया. तहसील परिसर पहुंचने के बाद उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में बढ़ा मामला
ग्रामीणों के इस प्रदर्शन में कांग्रेस शहर अध्यक्ष अमित सिंह और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार भी मौजूद रहे. तहसील परिसर में पहुंचने के बाद ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं की अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हो गई. मामला गरमाता देख एसडीएम नरेंद्र गंगवार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की.

अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. उनका कहना था कि करीब तीन साल से वह जलभराव और गंदगी की परेशानी झेल रहे हैं. ऐसे में अब केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा. ग्रामीणों ने साफ कहा कि इलाके में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए और गंदगी की समस्या से लोगों को राहत मिले. जब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई.

तहसील परिसर में शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
बातचीत के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने तहसील परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. वहीं, एसडीएम नरेंद्र गंगवार ने ग्रामीणों को जल्द जल निकासी कराने का भरोसा दिया है.

तीन साल पुरानी समस्या पर अब कार्रवाई का इंतजार
प्रशासन की ओर से भरोसा दिए जाने के बावजूद ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह शांत नहीं हुआ है. उनका कहना है कि लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है और अब उन्हें स्थायी समाधान चाहिए. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि करीब 200 परिवारों को तीन साल से परेशान कर रही इस समस्या से आखिर कब तक राहत मिलेगी और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कब तक हो पाएगी.
 

ये भी पढ़ें