Two daughters allegedly die after eating dosa
Two daughters allegedly die after eating dosa
अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ही परिवार की दो मासूम बेटियों की मौत हो गई, जबकि उनके माता-पिता की हालत गंभीर बनी हुई है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि डेरी से लाए गए खीरू से बने डोसा खाने के बाद यह हादसा हुआ. हालांकि, अब तक पुलिस और प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है.
बैटर लाकर घर पर बनाया था डोसा
परिवार के दादा गौरीशंकर प्रजापति के अनुसार, 1 अप्रैल की रात उनके बेटे विमल पास की IOC रोड स्थित घनश्याम डेरी से डोसा बनाने के लिए बैटर खरीदा था. उसी रात परिवार ने डोसे बनाए और खाए. अगले दिन फिर उसी बैटर से डोसा बनाया गया. इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों को उल्टी और तबीयत बिगड़ने की शिकायत होने लगी.
दोनों बच्चियों की हुई मौत
हालत बिगड़ने पर विमल, उनकी पत्नी भावना और उनकी चार साल की बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिवार में तीन महीने की एक और बच्ची भी थी. इलाज के दौरान 4 अप्रैल को तीन महीने की मासूम की मौत हो गई, जबकि 5 अप्रैल को चार साल की बच्ची ने भी दम तोड़ दिया. इसके बाद दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया. वहीं, माता-पिता का एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. घटना के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू की गई है.
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया बैटर
चांदखेड़ा थाने के इंस्पेक्टर जे.के. मकवाना ने बताया कि मामले में शिकायत मिली है और जांच जारी है. 4 साल की बच्ची का पोस्टमार्टम कराया गया है. वहीं, अहमदाबाद नगर निगम के फूड विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए उस डेरी से बैटर के सैंपल लिए हैं, जहां से इसे खरीदा गया था. इन सैंपल को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है. फूड विभाग के अधिकारी डॉ. तेजस शाह का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत की वजह क्या थी. फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
बाकी किसी को नहीं हुई कोई परेशानी
दूसरी ओर, घनश्याम डेरी के मालिक केतन भाई ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि 1 अप्रैल को उन्होंने 100 किलो से ज्यादा खीरू बेचा था, लेकिन किसी अन्य ग्राहक से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली. उन्होंने यह भी दावा किया कि खीरू पूरी तरह घर पर तैयार किया जाता है और इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है. डेरी मालिक के अनुसार, उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी जांचे हैं और उस दिन खीरू खरीदने वाले अन्य ग्राहकों से संपर्क किया है. सभी ने बताया कि उन्होंने उसी खीरू से डोसा-इडली बनाई, लेकिन किसी को कोई परेशानी नहीं हुई.
-अतुल तिवारी की रिपोर्ट
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