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Aligarh News: 18 रुपए की पानी की बोतल ₹20 में बेचना पड़ा महंगा, इस मशहूर रेस्टोरेंट पर एक लाख का जुर्माना, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया बड़ा फैसला

हाथरस के मशहूर BBCN रेस्टोरेंट को पानी की बोतल पर दो रुपए ज्यादा वसूलना भारी पड़ गया. इस मामले में उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है. आयोग ने रेस्टोरेंट को एक लाख रुपए जिला उपभोक्ता वेलफेयर फंड में जमा करने, पांच हजार रुपए अधिवक्ता फीस और एक हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है.

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Water Bottle (symbolic photo) Water Bottle (symbolic photo)

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक रेस्टोरेंट को पानी की बोतल पर महज दो रुपए अतिरिक्त वसूलना भारी पड़ गया. मामला हाथरस के मशहूर BBCN रेस्टोरेंट का है, जहां 18 रुपए MRP वाली पानी की बोतल के 20 रुपए वसूलने और उस पर अलग से GST लगाने को लेकर उपभोक्ता आयोग में शिकायत की गई थी.

दिया था ऐसा जवाब
मामला 11 मार्च 2026 का है. अलीगढ़ के रहने वाले अंकुर अग्रवाल हाथरस के इस रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे. उन्होंने पानी की बोतल मंगाई, जिस पर 18 रुपये MRP लिखी थी. लेकिन रेस्टोरेंट ने उनसे बोतल के 20 रुपये वसूले. इसके बाद अंकुर अग्रवाल ने जिला उपभोक्ता आयोग अलीगढ़ में मामले की शिकायत कर दी. इस मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के मुताबिक, जब रेस्टोरेंट से अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायत की गई तो पैसे वापस करने के बजाय जवाब मिला कि हमारा बड़ा होटल होता तो इसी बोतल के 50 रुपए लेते.

भेजा गया कानूनी नोटिस
इसके बाद रेस्टोरेंट को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा. अधिवक्ता के अनुसार, कई नोटिस के बावजूद रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ.

 आयोग ने की कार्रवाई
आखिरकार आयोग ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट को एक लाख रुपए जिला उपभोक्ता वेलफेयर फंड में जमा करने, पांच हजार रुपए अधिवक्ता फीस और एक हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया. आयोग ने आदेश का पालन करने के लिए 45 दिन का समय दिया है. ऐसा नहीं करने पर रेस्टोरेंट के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है. इस मामले में अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के साथ एडवोकेट अमित तोमर भी शामिल रहे. अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल ने बताया कि सिर्फ दो रुपए की अतिरिक्त वसूली से शुरू हुआ विवाद एक लाख छह हजार रुपए के आर्थिक दंड और मुआवजे तक पहुंच गया.