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सोशल मीडिया पर सस्ता सौदा पड़ा महंगा! गुजरात के व्यापारी को बुलाकर किया किडनैप, फिर लाखों...

अलवर में एक शातिर गिरोह ने पहले दोस्ती की, फिर मिलने के बहाने बुलाया और सुनसान जगह पर ले जाकर उसका अपहरण कर लिया. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

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Alwar Two arrested in robbery case Alwar Two arrested in robbery case

सोशल मीडिया पर सस्ते दाम में सामान खरीदने का लालच एक गुजरात के व्यापारी को भारी पड़ गया. अलवर में एक शातिर गिरोह ने पहले दोस्ती की, फिर मिलने के बहाने बुलाया और सुनसान जगह पर ले जाकर उसका अपहरण कर लिया. आरोपियों ने व्यापारी के साथ मारपीट की, नकदी लूट ली और फर्जी खातों में पैसे भी ट्रांसफर करवा लिए. इसके बाद जो हुआ हैरान कर देने वाला था. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

50 से ज्यादा CCTV फुटेज ने खोला राज
अलवर पुलिस थाना अरावली विहार की टीम ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है. जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था. इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक दिलीप मीना के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई.

घटना के बाद पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों में लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. लगातार जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल हुई स्विफ्ट डिजायर कार की पहचान हुई. कार के मालिक से पूछताछ करने पर पता चला कि वाहन किराए पर दिया गया था. इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई.

सोशल मीडिया पर फंसाया, फिर किया अपहरण
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए गुजरात के एक व्यापारी से संपर्क किया. उसे सस्ते दाम में सामान दिलाने का झांसा देकर अलवर बुलाया गया. यहां से उसे एक्सप्रेस-वे की तरफ ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई. आरोपियों ने उसे डराकर नकदी छीन ली और फर्जी बैंक खातों में रकम भी ट्रांसफर करवा ली.

दो आरोपी गिरफ्तार, गिरोह के बाकी सदस्य फरार
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त कर ली है. शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने इसी तरह की कई अन्य वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की है. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों को निशाना बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था. फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है.

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