AMit Shah
AMit Shah
चुनाव में हार-जीत के बीच जब कार्यकर्ताओं का उत्साह कमजोर पड़ने लगे तो संगठन को संभालना बड़ी चुनौती बन जाता है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सामने भी कुछ ऐसी ही स्थिति है. लगातार चुनावी चुनौतियों के बीच पार्टी के कार्यकर्ताओं में दिख रही नाराजगी और निराशा को दूर करने के लिए अमित शाह ने खास संदेश दिया. उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी नेताओं की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है और संगठन में कार्यकर्ता ही सबसे ऊपर है.
कार्यकर्ताओं की नाराजगी समझते हैं अमित शाह
उत्तर प्रदेश बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पूरा जोर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने पर रहा. उन्होंने अपने भाषण में माना कि पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनकी उम्मीद के मुताबिक जिम्मेदारी या पद नहीं मिला होगा. इसके बावजूद उन्होंने सभी को याद दिलाया कि पार्टी ने हर किसी को कुछ न कुछ दिया है.
अमित शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि हो सकता है किसी की इच्छा मंत्री बनने की रही हो, लेकिन वह सांसद बनकर रह गया. कोई प्रदेश में मंत्री बनना चाहता था, लेकिन विधायक बना. किसी को विधायक बनने की उम्मीद थी, लेकिन वह जिला पंचायत सदस्य तक ही पहुंच पाया. इसके बावजूद सभी को पार्टी में कोई न कोई जिम्मेदारी और स्थान मिला है.
2014 और 2017 की जीत याद दिलाकर भरा जोश
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को बीजेपी की पुरानी चुनावी जीत भी याद दिलाई. उन्होंने कहा कि 2014 में जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था, तब कार्यकर्ताओं की मेहनत से पार्टी और उसके सहयोगियों ने 73 लोकसभा सीटें जीती थीं. इसी तरह 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को ऐतिहासिक बहुमत मिला था. शाह ने कहा कि इन सफलताओं के पीछे नेताओं से ज्यादा कार्यकर्ताओं की मेहनत थी. इसलिए 2027 के विधानसभा चुनाव में भी सभी को इसी उत्साह और मेहनत के साथ जुटना होगा.
गोमती में फेंक आएं नाराजगी, काम में जुटें कार्यकर्ता
अमित शाह ने अपने भाषण के आखिर में कार्यकर्ताओं से खास अपील की. उन्होंने कहा कि अपनी निराशा और नाराजगी गोमती नदी में फेंक आएं और सरकार बनाने के काम में जुट जाएं. उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि वह बीच-बीच में उत्तर प्रदेश आकर संगठन और सरकार के कामकाज की रिपोर्ट लेते रहेंगे. उनकी इस बात पर बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाईं. शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा, लेकिन उनके भाषण का सबसे बड़ा हिस्सा बीजेपी के कार्यकर्ताओं के नाम रहा.
2027 के लिए बूथ पर मजबूत पकड़ बनाने का मंत्र
अमित शाह का स्वागत एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने किया. इसके बाद अंबेडकर विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में वंदे मातरम के पूर्ण गायन के साथ प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हुई. इस बैठक के जरिए अमित शाह ने बीजेपी के नए संगठन को चुनावी तैयारी का संदेश दिया. उनका साफ मंत्र था कि कार्यकर्ता अपनी नाराजगी और निराशा छोड़ें, संगठन को मजबूत करें और 2027 के चुनाव में बूथ पर अंगद की तरह पैर जमा कर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में जुट जाएं.
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