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मोमोज खाना बना नवविवाहिता के मौत का कारण... फास्ट फूड की वजह से दो महीने में गई तीसरी जान

लगातार फास्टफूड के कारण होने वाली मौतों के डरावने आंकड़े सामने आ रहे हैं. इसी कारण दो महीनों में लगभग 3 मौतों का मामला सामने आ रहा है, जो बहार का खाना खाने वालों के मन में डर का माहौल पैदा कर रहा है.

मोमोज खाने से हुई महिला की मौत मोमोज खाने से हुई महिला की मौत
हाइलाइट्स
  • दो महीने में गई तीसरी जान

  • फास्टफूड खाने वाले हो जाएं सावधान

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में फास्ट फूड खाने से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बीते दो महीनों के भीतर यह तीसरी मौत है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है. पहले एक 11वीं कक्षा की छात्रा और फिर नीट की तैयारी कर रही युवती की मौत हुई थी. अब एक 20 वर्षीय नवविवाहिता ने भी फास्ट फूड के शौक में अपनी जान गंवा दी.

मोमोज खाने का शौक बना मौत की वजह
डिडौली थाना क्षेत्र के जोया कस्बे के वार्ड नंबर 12 में रहने वाली शिफा की शादी महज आठ महीने पहले कस्बा उझारी निवासी अकरम से हुई थी. अकरम दिल्ली में कपड़ों की सिलाई का काम करता है. परिजनों के मुताबिक, शिफा को बचपन से ही फास्ट फूड खाने का शौक था, जो शादी के बाद और बढ़ गया.

शादी के बाद बढ़ गया फास्ट फूड का सेवन
परिजनों ने बताया कि शिफा ससुराल में रहते हुए लगातार चाऊमीन, मैगी, पिज्जा, बर्गर और मोमोज का अत्यधिक सेवन करती थी. 7 जनवरी को अचानक उसके पेट में तेज दर्द हुआ. पहले उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पेनक्रियाज में संक्रमण बताया.

दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान मौत
हालत गंभीर होने पर परिजन शिफा को दिल्ली एम्स लेकर पहुंचे. वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने पेनक्रियाज में गंभीर संक्रमण की पुष्टि की और उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद, बीते बुधवार को इलाज के दौरान शिफा ने दम तोड़ दिया.

इलाके में दहशत, खाद्य विभाग पर सवाल
लगातार हो रही मौतों के बाद इलाके में डर का माहौल है. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग कुंभकरणी नींद में सोया हुआ है. पहली मौत के बाद स्कूल-कॉलेजों में केवल जागरूकता अभियान चलाया गया. दूसरी मौत के बाद फास्ट फूड दुकानों की जांच और निर्देशों के वीडियो जरूर साझा किए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अब तक नजर नहीं आई.

तीसरी मौत के बाद भी सख्त कदमों का इंतजार
अब तीसरी युवती की मौत के बाद एक बार फिर प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि फास्ट फूड की गुणवत्ता और खुलेआम बिक रहे खाने की जांच को गंभीरता से लिया जाए, ताकि आगे कोई और जान न जाए.

 

(रिपोर्ट- बी एस आर्य)