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Anand News: फर्जी ई वीजा रैकेट का भंडाफोड़! विदेश में नौकरी और वर्क परमिट का झांसा देकर करोड़ों की ठगी

विदेश जाकर लाखों रुपए कमाने और वहीं बसने का सपना देखने वालों को सावधान करने वाली खबर गुजरात के आणंद से है. आणंद टाउन पुलिस ने एक बड़े फर्जी इ वीजा रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यहां आप पूरा मामला पढ़ सकते हैं.

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फर्जी ई वीजा रैकेट में पकड़े गए दंपति फर्जी ई वीजा रैकेट में पकड़े गए दंपति

विदेश जाकर लाखों रुपए कमाने और वहीं बसने का सपना देखने वालों को सावधान करने वाली खबर गुजरात के आणंद से है. आणंद टाउन पुलिस ने एक बड़े फर्जी इ वीजा रैकेट का भंडाफोड़ किया है. आरोप है कि नवलीवाला बिल्डिंग में चल रही कृष्णा ओवरसीज कंसल्टेंसी के जरिए लोगों को यूरोपीय देशों और दुबई में वर्क परमिट, अच्छी नौकरी, रहना-खाना और मोटी सैलरी का लालच दिया गया. शिकायतों के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ी तो ठगी की रकम एक करोड़ छह लाख रुपए से ज्यादा पहुंच गई. इस मामले में पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

विदेश में बेहतर भविष्य का दिखाया सपना 
आणंद में विदेश भेजने के नाम पर लोगों को ठगने का ये पूरा खेल सोशल मीडिया विज्ञापनों से शुरू हुआ. आरोप है कि कृष्णा ओवरसीज कंसल्टेंसी की तरफ से सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन दिए जाते थे. इन विज्ञापनों में सर्बिया, लातविया, चेक रिपब्लिक, आर्मेनिया और दुबई में वर्क परमिट ई-वीजा और अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का दावा किया जाता था. लोगों को रहने और खाने की सुविधा समेत विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाया गया. इन्हीं दावों के झांसे में आकर पेटलाद निवासी कुंदनबेन पटेल समेत कई लोगों ने वीजा प्रोसेसिंग के नाम पर लाखों रुपए दिए.आरोप है कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें फर्जी ई-वीजा भी दिए गए, लेकिन जब विदेश जाने की बारी आई तो पूरा मामला सामने आया. न लोगों को विदेश भेजा गया और न ही कथित तौर पर उनके पैसे वापस किए गए.

और ठगी की रकम बढ़ती चली गई
पीड़िता कुंदनबेन की शिकायत पर 10 सितंबर को आणंद टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राघवेंद्र वत्स और आणंद पुलिस अधीक्षक जी.जी. जसानी के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई. पुलिस टीम ने कंसल्टेंसी के ऑफिस और आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए. जांच की शुरुआत में पुलिस के सामने 78 लाख 80 हजार रुपए की कथित ठगी सामने आई थी. लेकिन जैसे-जैसे दूसरे पीड़ितों के बयान दर्ज हुए, रकम बढ़ती चली गई. पुलिस जांच के मुताबिक अब तक सामने आई कथित ठगी की कुल रकम 1 करोड़ 6 लाख 26 हजार 960 रुपये तक पहुंच चुकी है. पुलिस अब बैंक खातों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम कहां ट्रांसफर की गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया.

इस मामले में पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है. अंकिताबेन हार्दिक शाह, उम्र 41 वर्ष, को 11 सितंबर को गिरफ्तार किया गया. वहीं उनके पति हार्दिक हसमुखभाई शाह, उम्र 47 वर्ष, की गिरफ्तारी 12 सितंबर को हुई. दोनों मूल रूप से सोनगढ़, जिला भावनगर के रहने वाले बताए गए हैं और फिलहाल आणंद में रह रहे थे. पुलिस के मुताबिक इस मामले में एक और आरोपी नंदकुमार दामूभाई उकाणी, निवासी आणंद, फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे कथित रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और कितने लोगों से ठगी की गई. आणंद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश जाने या वर्क परमिट के नाम पर सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा न करें. किसी भी एजेंट या कंसल्टेंसी को पैसे देने से पहले उसकी मान्यता और दस्तावेजों की जांच करें और केवल अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही वीजा प्रक्रिया पूरी करें.

(हेताली शाह की रिपोर्ट)