बिजली मीटर
बिजली मीटर
यह बिजली बिल दसारी दुर्गा के नाम पर जारी किया गया है. उनका घर समरलकोटा के TIDCO हाउसिंग कॉलोनी में स्थित है. परिवार के लोगों का कहना है कि यह फ्लैट काफी समय से खाली है और वहां कोई भी रह नहीं रहा है. ऐसे में करोड़ों रुपये का बिल आना उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था.
परिवार को इस बात की जानकारी तब मिली जब बिजली बिल ऑनलाइन जनरेट हुआ. जैसे ही उन्होंने बिल देखा, सभी हैरान रह गए. इतना पैसों का बिल देखकर उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर यह गलती कैसे हो गई.
परिवार ने बिजली विभाग से की शिकायत
मामला सामने आने के बाद परिवार ने तुरंत स्थानीय बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घर लंबे समय से खाली है और वहां बिजली का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा है. इसलिए इतना बड़ा बिल आना संभव ही नहीं है. शिकायत मिलने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी थी.
जांच में सामने आई असली वजह
बिजली विभाग की जांच में पता चला कि यह पूरा मामला तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ था. अधिकारियों के अनुसार हाल ही में उस घर में नया बिजली मीटर लगाया गया था. इसी दौरान सिस्टम में तकनीकी समस्या आ गई, जिसके कारण बिल गलत तरीके से बहुत ज्यादा दिखने लगी. मीटर और बिलिंग से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच करने के बाद अधिकारियों ने माना कि यह एक सिस्टम एरर था और बिल गलत तरीके से जनरेट हो गया था.
बाद में बिल को किया गया ठीक
जांच पूरी होने के बाद बिजली विभाग ने गलती को सुधारते हुए नया बिल जारी किया. संशोधित बिल में बिल केवल 147 रुपए आया. यह घटना सामने आने के बाद इलाके में भी काफी चर्चा का विषय बन चुकी है. हालांकि समय रहते गलती पकड़ में आने से परिवार को राहत मिल गई.
तकनीकी गड़बड़ियों से बढ़ रही परेशानी
इस तरह के मामलों से यह भी साफ होता है कि कभी-कभी तकनीकी गड़बड़ियां लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती हैं. इसलिए बिलिंग सिस्टम और मीटर की जांच समय-समय पर करना जरूरी है, ताकि इस तरह की गलतियां जल्दी पकड़ी जा सकें. फिलहाल बिजली विभाग ने गलती सुधार दी है और परिवार को सही बिल दे दिया गया है, जिससे उन्हें बड़ी आर्थिक चिंता से राहत मिल गई है.
(इनपुट-अपूर्वा)
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