अपराजिता अभियान की शुरूआत पायलट परियोजना के आधार पर की गई है
अपराजिता अभियान की शुरूआत पायलट परियोजना के आधार पर की गई है
साल 2022 की शुरूआत के साथ एक बेहद ही अच्छी शुरूआत होने जा रही है. ये अभियान देश की राजधानी दिल्ली में देह व्यापार में लगी महिलाओं और उनकी बच्चियों के लिए है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी सेवा भारती संगठन ने ऐसी महिलाओं और बच्चियों के लिए ‘अपराजिता’ अभियान की शुरूआत की है. जिसका मकसद स्कूल में दाखिला, छात्रावास, स्वास्थ्य देखरेख, और खानपान वगैरह का पूरा पूरा ध्यान रखना होगा.
सेवा भारती के महामंत्री ने सुशील गुप्ता ने बताया कि साल 2020 और 2021 में कोरोना की वजह से देह व्यापार में लगी महिलाओं की स्थिति दयनीय हो गई, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया . ऐसे में सेवा भारती ने इस दिशा में कोशिश की और दिल्ली पुलिस की मदद से इस तरह का अभियान शुरू किया है.
अपराजिता दिलाएगी देह व्यापार के दलदल से निजात
सेवा भारती के महामंत्री ने बताया कि अंदाज के मुताबिक दिल्ली के जी बी रोड इलाके में 2830 महिलाएं देह व्यापार में लगी हैं जिन्हें बहलाकर, डरा-धमका, अपहृत करके ये काम करने को मजबूर किया जाता है. उन्होंने बताया कि ऐसे में दिल्ली उच्च न्यायालय के कुछ वकीलों, दिल्ली विश्वविद्यालय की कुछ प्रोफेसरों सहित दिल्ली पुलिस के सहयोग से हमने ‘अपराजिता अभियान’ शुरू किया है. इन बच्चियों के लिये ‘शांति निकेतन’ में रहने की व्यवस्था की गई है .
दिल्ली पुलिस ने की सराहना
वहीं, दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने कहा कि यह एक काफी अच्छा अभियान है. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद जाकर व्यवस्था को देखा है और इसमें सहयोग भी कर रहे हैं . इस अभियान से आगे दिल्ली पुलिस और कैसे जुड़ सकती हैं, इसे अंतिम रूप दे रहे हैं. सेवा भारती की पदाधिकारी और अभियान की संयोजिका सुनीला सप्रा ने बताया कि अभी सात बच्चियां शांति निकेतन में रह रही हैं और इनका स्कूल में दाखिला करा दिया गया है. उन्होंने बताया कि हम इन बच्चियों को इनकी मां की सहमति से लाए हैं . अगर इन बच्चियों का जन्म इस क्षेत्र में हुआ है तब इसमें इनकी क्या गलती है. इन्हें भी दूसरे बच्चों की तरह मौके मिलने चाहिए.