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राम मंदिर में बदलेंगे नियम-कायदे, कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड, फेसियल हाजिरी और नई ड्रेस से होगी पहचान

अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं में बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी तेज कर दी है. ट्रस्ट के नव निर्वाचित सदस्य और अधिवक्ता मदन मोहन पांडे ने बताया कि नए CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा अब परिसर की व्यवस्था को नियंत्रित करेंगे.

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Ayodhya Ram Temple Ayodhya Ram Temple

अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं में बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी तेज कर दी है. ट्रस्ट के नव निर्वाचित सदस्य और अधिवक्ता मदन मोहन पांडे ने बताया कि नए CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा अब परिसर की व्यवस्था को नियंत्रित करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि CEO की जिम्मेदारियों में ट्रस्ट की ओर से बीच में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा और व्यवस्था में बदलाव का अधिकार CEO को दिया गया है.

मदन मोहन पांडे के मुताबिक, सबसे पहले मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों की पूरी सूची तैयार की जाएगी और उनके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी. इसके बाद कर्मचारियों की योग्यता और निर्धारित मानकों के आधार पर उनकी जिम्मेदारियां तय की जाएगी. आने वाले समय में कर्मचारियों की तैनाती और जिम्मेदारियों में बदलाव दिखाई दे सकता है.

हर कर्मचारी का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की तैयारी है. इसमें कर्मचारी की नियुक्ति, पद, तैनाती, ड्यूटी, उपस्थिति और जिम्मेदारियों समेत जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी. इसका उद्देश्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी और तैनाती को स्पष्ट करते हुए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है.

चेहरे से हाजिरी और निगरानी की तैयारी
मंदिर परिसर में कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम लागू करने की तैयारी है. प्रवेश और निकास बिंदुओं पर वीडियो सर्विलांस और फ्रिस्किंग व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा. करीब 40 नए स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाने की योजना है. साथ ही अलग-अलग विभागों के कामकाज के लिए SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार की जाएगी.

कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन पर भी जोर
नई व्यवस्था में कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन और चरित्र प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को अनिवार्य किए जाने की तैयारी है. कर्मचारियों से उनके परिवार और रिश्तेदारों से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी ली जाएगी. मकसद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है.

ड्रेस कोड पर फैसला, गेरुआ या पीले रंग की ड्रेस
मदन मोहन पांडे ने बताया कि कर्मचारियों के लिए नई ड्रेस कोड निर्धारित करने पर निर्णय लिया जा चुका है. उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड लागू करने का उद्देश्य मंदिर परिसर में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और कर्मचारियों की पहचान को एक व्यवस्थित स्वरूप देना है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रेस के अंतिम रंग और स्वरूप पर अभी पूरी तरह निर्णय नहीं हुआ है. प्रस्तावित ड्रेस गेरुआ या पीले रंग की हो सकती है. खास बात यह होगी कि ड्रेस पर ट्रस्ट का लोगो नहीं होगा और न ही कर्मचारी की ड्यूटी या पद को दर्शाने वाली कोई जानकारी अंकित की जाएगी.

चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था भी बदलेगी
मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में भी बदलाव की तैयारी है. चढ़ावे की गिनती SBI की टीम द्वारा दो शिफ्ट में किए जाने की व्यवस्था बनाई जा रही है. पूरी प्रक्रिया CCTV निगरानी में रखने और गिनती व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने पर जोर है.

CEO के नियमों पर ट्रस्ट करेगा विचार
मदन मोहन पांडे ने बताया कि CEO की ओर से तैयार की जाने वाली नई नियमावली को ट्रस्ट के सामने रखा जाएगा. ट्रस्ट उसका अध्ययन करने के बाद उस पर निर्णय लेगा. वहीं परिसर के रोजमर्रा के प्रशासनिक संचालन और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर CEO को स्वतंत्र रूप से काम करने की व्यवस्था होगी.

यानी राम मंदिर प्रशासन में अब व्यवस्था का नया खाका तैयार हो रहा है कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड, नई तैनाती और जिम्मेदारियां, फेशियल रिकग्निशन से हाजिरी, CCTV निगरानी, पुलिस वेरिफिकेशन और नया ड्रेस कोड. CEO जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में इन बदलावों के जरिए मंदिर प्रशासन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की तैयारी है.

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