Ayodhya ram temple
Ayodhya ram temple
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को और बेहतर और पारदर्शी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. चढ़ावे की चोरी जैसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा. कर्मचारियों के लिए नई नियमावली तैयार की जा रही है. इसके तहत जल्द ही कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड भी लागू किया जा सकता है. उन्हें गेरुआ या पीले रंग की ड्रेस में ड्यूटी करनी होगी और ड्रेस में किसी तरह की जेब नहीं होगी.
सीईओ ने संभाली मंदिर परिसर की जिम्मेदारी
श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं की स्थायी जिम्मेदारी सीईओ और एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने संभाल ली है. उनके कार्यभार संभालने के बाद राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी. सीईओ के लिए यात्री सेवा केंद्र के ग्राउंड फ्लोर पर कार्यालय भी तैयार किया गया है. अब वह यहीं से मंदिर परिसर के कामकाज और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे.
कर्मचारियों की बनेगी सूची, दस्तावेजों की होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी. उनके दस्तावेजों और जरूरी जानकारियों की भी जांच की जाएगी. इसके बाद कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करने और ड्यूटी रोस्टर में बदलाव करने की तैयारी है. हेल्प डेस्क और सूचना केंद्रों को भी ज्यादा सक्रिय किया जा सकता है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
ड्रेस में नहीं होगी जेब, लोगो भी नहीं लगेगा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनिर्वाचित सदस्य अधिवक्ता मदन मोहन पांडे ने बताया कि सीईओ की ओर से परिसर की व्यवस्थाओं में बदलाव किए जाएंगे. पहले कर्मचारियों का मानक तैयार होगा और उनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी. इसके बाद पारदर्शी तरीके से जिम्मेदारियां दी जाएंगी. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के नए ड्रेस कोड पर निर्णय लिया गया है. ड्रेस गेरुआ या पीले रंग की हो सकती है, हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है. ड्रेस पर ट्रस्ट का लोगो नहीं होगा और यह भी नहीं लिखा होगा कि कर्मचारी को किस काम के लिए तैनात किया गया है. नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है.
ये भी पढ़ें: