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अयोध्या में राष्ट्रपति के स्वागत की भव्य तैयारी, रामभक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

मुख्य विकास अधिकारी के अनुसार एयरपोर्ट से राम मंदिर अयोध्या के मुख्य द्वार तक करीब 20 भव्य सांस्कृतिक मंच तैयार किए जा रहे हैं. इन मंचों पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 250 कलाकार प्रस्तुति देंगे. स्वागत गीत, भजन, अवधी लोकगीत और नृत्य के माध्यम से पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूबा रहेगा.

एयरपोर्ट से राम मंदिर तक सांस्कृतिक उत्सव एयरपोर्ट से राम मंदिर तक सांस्कृतिक उत्सव

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है. 19 मार्च को द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को लेकर पूरी रामनगरी भव्य स्वागत की तैयारियों में जुटी है. योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थाएं मिलकर शहर को भक्ति, परंपरा और उत्सव के रंगों से सजा रही हैं.

एयरपोर्ट से राम मंदिर तक सांस्कृतिक उत्सव
मुख्य विकास अधिकारी के अनुसार एयरपोर्ट से राम मंदिर अयोध्या के मुख्य द्वार तक करीब 20 भव्य सांस्कृतिक मंच तैयार किए जा रहे हैं. इन मंचों पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 250 कलाकार प्रस्तुति देंगे. स्वागत गीत, भजन, अवधी लोकगीत और नृत्य के माध्यम से पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूबा रहेगा.

रामायण और अवधी संस्कृति की झलक
राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर रामलीला के अंश, झांकियां, ढोल-नगाड़े, शंखनाद और वेदपाठ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे. एयरपोर्ट रोड, देवकाली, निषादराज चौराहा और राम मंदिर गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर छोटे-बड़े मंच बनाए जाएंगे. छोटे मंचों पर 7 और बड़े मंचों पर 15 कलाकारों की टीमें प्रस्तुति देंगी, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठेगी.

उत्तर-दक्षिण का आध्यात्मिक संगम
केरल की प्रसिद्ध संत माता अमृतानानंदमयी भी लगभग 1000 भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी हैं. उनका आगमन इस आयोजन को और विशेष बना रहा है.

‘श्रीराम यंत्र’ प्रतिष्ठा का विशेष महत्व
इस अवसर पर राम मंदिर परिसर में ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना की जाएगी. विद्वानों के अनुसार यह प्रतिष्ठा मंदिर परिसर को आध्यात्मिक रूप से और अधिक पूर्णता प्रदान करेगी. यह आयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था
राष्ट्रपति के दौरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. 18 मार्च रात 11 बजे से 19 मार्च शाम 5 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन वाहनों को आसपास के जिलों और एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा, जबकि एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है.

रिपोर्टर: मयंक शुक्ला

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