संभल की लुटेरी दुल्हन
संभल की लुटेरी दुल्हन
बंगाल की लुटेरी दुल्हनों द्वारा यूपी के संभल जिले को निशाना बनाए जाने का बड़ा मामला सामने आया है. डेढ़ महीने के भीतर चार लुटेरी दुल्हनों के फरार होने के बाद संभल पुलिस ने इस पूरे नेक्सस पर कार्रवाई करते हुए चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है.
पुलिस जांच में सामने आया कि बंगाल की लड़कियों का असली धर्म छुपाकर संभल में शादियां कराई जा रही थीं. यह काम एक मैरिज ब्रोकर कर रही थी, जो खुद अपना असली नाम नूरजहां खातून छिपाकर काजल के नाम से रह रही थी.
धर्म और नाम बदलकर कराई जाती थीं शादियां
मैरिज ब्रोकर काजल उर्फ नूरजहां खातून पहले खुद अपना धर्म छुपाकर रही और फिर बंगाल से लाई गई मुस्लिम लड़कियों के भी असली नाम बदल दिए गए. आयशा, फातिमा जैसी पहचान वाली लड़कियों को पूजा, आरती और इशिका जैसे हिंदू नाम देकर हिंदू परिवारों में शादी कराई गई.
शादी कराने के बदले मैरिज ब्रोकर हर परिवार से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलती थी. शादी के कुछ ही दिनों बाद ये दुल्हनें घर से जेवर और नगदी लेकर फरार हो जाती थीं.
फर्जी आधार कार्ड बनवाने का खेल
जांच में सामने आया कि शादी से पहले इन लड़कियों के बदायूं जिले में हिंदू नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराए जाते थे. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर शादी की रस्में पूरी कराई जाती थीं. पुलिस ने खुद को काजल बताने वाली मैरिज ब्रोकर नूरजहां खातून, पूजा नाम से शादी कर फरार होने वाली आयशा खातून और उनके साथी राजीव को गिरफ्तार किया है. पकड़ी गई दोनों महिलाएं पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं.
कैसे खुला पूरा मामला
चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के पतरौआ गांव में राजू के घर से सामान लेकर फरार होती हुई दुल्हन को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. पूछताछ में उसने अपना नाम पूजा बताया, लेकिन आधार कार्ड जांच में उसका असली नाम आयशा खातून निकला. इसके बाद पुलिस ने शादी कराने वाली काजल और उसके सहयोगी राजीव के बारे में पूछताछ शुरू की. बदायूं और बरेली में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया गया.
काजल और राजीव पति-पत्नी निकले
पूछताछ में यह भी सामने आया कि काजल और राजीव आपस में पति-पत्नी हैं. काजल ने भी शुरू में अपना नाम काजल बताया, लेकिन आधार कार्ड जांच में उसका असली नाम नूरजहां खातून सामने आया. यह भी खुलासा हुआ कि काजल ने खुद भी अपना धर्म छुपाकर राजीव से शादी की थी. यानी शादियां कराने वाली खुद भी उसी तरीके से रह रही थी, जैसा तरीका वह दूसरों के साथ अपना रही थी.
पहले से दी जाती थी फरार होने की ट्रेनिंग
पूछताछ में यह सामने आया कि शादी से पहले लड़कियों को पूरी तरह ट्रेंड किया जाता था. उन्हें सिखाया जाता था कि शादी के 4 से 5 दिन बाद मौका मिलते ही सोने-चांदी के जेवर और नगदी लेकर फरार हो जाना है.
किन-किन शादियों का खुलासा हुआ
CCTV फुटेज और परिवारों की गवाही
आरती को मोटरसाइकिल पर बैठाकर भगाए जाने का CCTV फुटेज भी सामने आया है. पीड़ित परिवारों ने मीडिया के सामने धर्म छुपाकर शादी कराने का दर्द बयां किया था.
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने क्या बताया
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि 25 जनवरी को सूचना मिली थी कि एक महिला नाम बदलकर शादी करके गांव आई है और जेवर लेकर भागने की तैयारी में है. पूछताछ में पूरे गैंग का खुलासा हुआ. उन्होंने बताया कि काजल नाम से रह रही महिला बंगाल से लड़कियां मंगवाती थी, उनके फर्जी आधार कार्ड बनवाती थी और अविवाहित लड़कों से शादियां कराती थी. चार मामलों की पुष्टि हो चुकी है और आगे की जांच जारी है.
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब फरार तीन लुटेरी दुल्हनों और फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नेटवर्क की तलाश कर रही है. बरामद मोबाइल फोन खंगाले जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई जारी है.
(रिपोर्ट- अभिनव माथुर)
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