गुरु पूर्णिमा 2026
गुरु पूर्णिमा 2026
वेद-पुराणों में गुरु को भगवान से भी ऊपर बताया गया है. गुरु केवल किताबों का ज्ञान देने वाला शिक्षक नहीं होता, बल्कि वह इंसान होता है जो जीवन की सही दिशा दिखाता है. यही वजह है कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सबसे ऊंचा रखा गया है. गुरु पूर्णिमा का पर्व भी इसी गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित है. बॉलीवुड में भी कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिनमें शिक्षक, कोच या मार्गदर्शक ने अपने शिष्य की जिंदगी बदल दी. अगर आप गुरु पूर्णिमा के मौके पर ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं, तो ये फिल्में आपको जिंदगी की बड़ी सीख जरूर देंगी.
तारे जमीन पर
आमिर खान की फिल्म 'तारे जमीन पर' गुरु और शिष्य के रिश्ते की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है. फिल्म में ईशान नाम का बच्चा पढ़ाई में कमजोर माना जाता है, लेकिन उसके आर्ट टीचर राम शंकर निकुंभ उसकी असली प्रतिभा को पहचानते हैं. यह फिल्म ये बताती है कि हर बच्चा अलग और अनोखा है. किसी भी बच्चे को सिर्फ अंकों से नहीं, बल्कि वह क्या कर सकता है, उसकी क्षमता से पहचानना चाहिए.
चक दे! इंडिया
शाहरुख खान की 'चक दे! इंडिया' में कबीर खान सिर्फ हॉकी कोच नहीं, बल्कि पूरी टीम के मार्गदर्शक बनकर सामने आते हैं. वह खिलाड़ियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम एकता का महत्व समझाते हैं. फिल्म यह सिखाती है कि एक अच्छा गुरु अपने शिष्यों को हार से लड़ना और जीत तक पहुंचना सिखाता है.
सुपर 30
ऋतिक रोशन की 'सुपर 30' बिहार के गणितज्ञ आनंद कुमार के जीवन पर आधारित है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक शिक्षक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आईआईटी जैसी कठिन परीक्षा के लिए तैयार करता है. यह कहानी बताती है कि सच्चा गुरु वही होता है, जो परिस्थितियों से नहीं, बल्कि प्रतिभा से पहचान करता है.
हिचकी
रानी मुखर्जी की 'हिचकी' में नैना माथुर नाम की शिक्षिका टॉरेट सिंड्रोम जैसी बीमारी से जूझने के बावजूद बच्चों को पढ़ाने का सपना नहीं छोड़ती. वह उन छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, जिन्हें समाज और स्कूल दोनों ने कमतर समझा था. फिल्म का संदेश है कि एक शिक्षक की सबसे बड़ी ताकत उसकी सोच और समर्पण होता है.
3 इडियट्स
'3 इडियट्स' सिर्फ इंजीनियरिंग कॉलेज की कहानी नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है. फिल्म में रैंचो यह सिखाता है कि पढ़ाई का मकसद सिर्फ अच्छे नंबर लाना नहीं, बल्कि ज्ञान हासिल करना होना चाहिए. वहीं डॉ. वीरू सहस्त्रबुद्धे का किरदार यह समझने में मदद करता है कि समय के साथ शिक्षकों को भी अपनी सोच बदलनी चाहिए.
ब्लैक
अमिताभ बच्चन की 'ब्लैक' गुरु-शिष्य के रिश्ते पर बनी सबसे इमोशनल फिल्मों में से एक है. फिल्म में वह एक ऐसी छात्रा को जीवन जीना सिखाते हैं, जो देख और सुन नहीं सकती. कठिन परिस्थितियों के बावजूद गुरु का धैर्य और समर्पण यह दिखाता है कि सही मार्गदर्शन किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है.
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