
Numbeo data की रिपोर्ट
Numbeo data की रिपोर्ट
मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों को सबसे ज्यादा कमाई वाला माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. Numbeo data के नए आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण भारत के शहर और टेक हब अच्छी सैलरी पैकेज दे रहे हैं. जिसके लिस्ट में चेन्नई सबसे आगे है, जहां औसतन सालाना सैलरी करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है. इसके बाद बेंगलुरु और हैदराबाद का नंबर आता है.
वहीं, मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहर अब इस मामले में पीछे होते दिख रहे हैं. गुरुग्राम और पुणे में औसत सैलरी करीब 20 लाख रुपये के आसपास है. सिर्फ सैलरी नहीं, बचत भी कम होता है. सिर्फ ज्यादा कमाई होना ही फाइनेंशियल कम्फर्ट नहीं देता. असली सवाल यह है कि आपकी कमाई में से आखिर बचता कितना होता है. कई बार ज्यादा सैलरी वाले शहरों में खर्च भी उतना ही ज्यादा होता है, जिससे बचत कम हो जाती है.
भारत में अलग-अलग शहरों का खर्च
2026 की Numbeo data की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के अलग-अलग शहरों में रहने का खर्च काफी अलग है. मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, एक अकेले व्यक्ति को बेसिक खर्च के लिए हर महीने करीब 27,300 रुपये की जरूरत होती है, जिसमें से घर का किराया आप भूल जाइए. वहीं, चार लोगों के परिवार का खर्च करीब 98,000 रुपये तक पहुंच जाता है.
सबसे महंगा और सबसे सस्ता शहर कौन से हैं
मुंबई अब भी देश का सबसे महंगा शहर बना हुआ है, खासकर घर के किराए की वजह से. यहां केवल एक व्यक्ति का मासिक खर्च 60,000 रुपये तक पहुंच जाता है, वह भी किराए के बिना. दिल्ली में किराया थोड़ा कम है, लेकिन बिजली, पानी और ग्रॉसरी का खर्च ज्यादा होता है. वहीं, कोलकाता बड़े शहरों में सबसे सस्ता माना जा रहा है, जहां किराया और बाकी खर्च दूसरे शहर के मुकाबले कम हैं.

मिड-टियर शहर दे रहे बेहतर संतुलन
पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर सैलरी और खर्च के बीच इनसान को बेहतर संतुलन बनाने में मदद कर रहे हैं. खासकर हैदराबाद में किराया कम है और लोगी की खरीदारी करने की क्षमता ज्यादा, जिससे यहां बचत करना आसान होता है. पुणे भी इसी तरह कम खर्च और अच्छे जॉब अवसर के कारण रहने के लिए अच्छा बन रहा है.
किस शहर में सबसे ज्यादा बचत?
अगर सिर्फ सैलरी देखें तो चेन्नई सबसे आगे दिखता है, लेकिन जब खर्च जोड़ते हैं तो तस्वीर बदल जाती है. हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में खर्च कम होने की वजह से वहां रहने वालों के पास ज्यादा बचत करने का मौका होता है. इसके उलट, मुंबई और दिल्ली में अच्छी सैलरी होने के बावजूद खर्च ज्यादा होने से बचत कम हो जाती है.
सही शहर का चुनाव क्यों जरूरी है?
हर किसी के लिए एक ही शहर सही नहीं हो सकता. कुछ शहर ज्यादा कमाई करने का अवसर देते हैं, तो कुछ कम खर्च में बेहतर जिंदगी देते हैं. अगर आप ज्यादा बचत करना चाहते हैं, तो आपको ऐसा शहर चुनना होगी जहां सैलरी और खर्च दोनों का बराबर संतुलन हो. फिलहाल हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता ऐसे शहर माने जा रहे हैं, जहां आपकी कमाई ज्यादा टिकती है और बचत करना आपके लिए आसान हो जाता है.
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