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'अगर भगत सिंह पहले आम चुनावों के बाद PM बन जाते तो....' शहादत दिवस पर बोले सीएम भगवंत मान

पंजाब के फिरोजपुर के हुसैनीवाला में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह 1952 के पहले आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री बन जाते, तो आज देश की तस्वीर पूरी तरह अलग होती.

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CM Bhagwant Mann CM Bhagwant Mann

पंजाब के फिरोजपुर के हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीदों के सम्मान में उनके सपनों का 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास किया गया.

सीएम मान ने शहीदों को याद किया-
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह अवसर केवल उन वीरों के बलिदान को याद करने का ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और अन्याय के खिलाफ खड़े होने के दृढ़ संकल्प को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी है. उन्होंने शहीदों की महान सोच के अनुरूप पंजाब और देश की सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया और साथ ही इन महान स्वतंत्रता सेनानियों को अब तक भारत रत्न (सर्वोच्च सम्मान) न दिए जाने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि आज़ादी के शुरुआती वर्षों में यदि देश की बागडोर ऐसे साहसी युवाओं के हाथों में होती तो भारत की तस्वीर कुछ और ही होती.

सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव और शहीद-ए-आजम भगत सिंह को याद करने के लिए केवल फूल ही रह गए, जबकि अन्य लोग आजादी की विरासत का झूठा दावा कर प्रमुख बन गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन महान योद्धाओं को चुप कराने के लिए ही उन्हें जल्द फांसी दी गई थी, क्योंकि लोग उनके निडर विचारों के पीछे इकट्ठा होने लगे थे.

कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि आजादी कितनी महंगी थी- सीएम मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि हमारी आजादी कितनी महंगी थी. विभाजन के दौरान लगभग 10 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई और लाखों लोग विस्थापित हुए. उन्होंने आगे कहा कि हमारे बुजुर्गों ने बहुत बलिदान दिए, लेकिन सत्ताधारी इस पीड़ा को समझने में असफल रहे हैं, क्योंकि उन्हें शहीदों की कुर्बानियों से बना तैयार देश विरासत में मिला.

लोगों से शहीदों से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन इन महान नायकों को याद करने, उनकी प्रेरणादायक कहानियों को पढ़ने और सुनने का है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.

शहीदों को सम्मान करने के बारे में किसी ने नहीं सोचा- सीएम मान
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजनीतिक प्राथमिकताएं लंबे समय से गलत रही हैं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं ने अपने खुद के बुत लगवाए और जीवित रहते हुए अपने नाम पर स्टेडियम बनवाए, लेकिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जैसे महान शहीदों का सम्मान करने के बारे में किसी ने नहीं सोचा.

उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि केंद्र सरकार ने बार-बार हमारी मांगों को नजरअंदाज किया, लेकिन अंततः हमारी लगातार कोशिशों से हम इसे उनके सम्मान में नामित करने में सफल रहे.

उन्होंने आगे कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जा रहा है, जिन्हें शहीद भगत सिंह अपना गुरु मानते थे.

भगत सिंह 1952 में पीएम बन जाते तो तस्वीर अलग होती- सीएम मान
उन्होंने कहा कि यदि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह 1952 के पहले आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री बन जाते, तो आज देश की तस्वीर पूरी तरह अलग होती. आज नेपाल में 35 वर्षीय युवा प्रधानमंत्री बन गया है. यदि यहां भी युवाओं को नेतृत्व सौंपा जाता, तो भारत विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनता.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों की याद केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोग भगत सिंह को केवल उनके जन्म या शहादत दिवस पर याद करते हैं, जबकि वे केवल एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं. उन्होंने कहा कि यदि हम उनके आदर्शों पर चलें, तो पंजाब को फिर से समृद्ध बनने से कोई नहीं रोक सकता.

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