bhiwadi woman foils cyber fraud
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राजस्थान के भिवाड़ी से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. ठगों ने इस बार लोगों का भरोसा जीतने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता-राजनेता विजय थलपति की तस्वीर का इस्तेमाल किया. हालांकि, महिला की सतर्कता और सूझबूझ के चलते साइबर ठगी की यह बड़ी कोशिश नाकाम हो गई. मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है.
पाकिस्तान के नंबर से आया व्हाट्सएप कॉल
जानकारी के अनुसार, भिवाड़ी के यूआईटी सेक्टर-3 स्थित राजीव गांधी एन्क्लेव में रहने वाली सखिना खान दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं. उनके व्हाट्सएप पर +92 से शुरू होने वाले विदेशी नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने अपनी व्हाट्सएप प्रोफाइल पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं अभिनेता-राजनेता विजय थलपति की तस्वीर लगाई हुई थी, ताकि महिला का भरोसा आसानी से जीता जा सके.
20 हजार भेजने पर एक लाख देने का दिया लालच
महिला ने बताया कि पहले ठग ने सामान्य बातचीत कर विश्वास बनाने की कोशिश की. इसके बाद उसने सखिना खान से कहा कि यदि वह 20 हजार रुपये ट्रांसफर करेंगी, तो बदले में उन्हें एक लाख रुपये दिए जाएंगे. इतना ही नहीं, ठग ने आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी जैसी गोपनीय सूचनाएं भी मांगनी शुरू कर दीं.
महिला की समझदारी से नाकाम हुई ठगी
सखिना खान को पूरा मामला संदिग्ध लगा. उन्होंने बिना किसी दबाव में आए न तो अपने आधार कार्ड या बैंक खाते की जानकारी साझा की और न ही किसी तरह का ओटीपी बताया. इसके बाद उन्होंने तुरंत कॉल काट दिया. महिला की सतर्कता के चलते साइबर ठग अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके और एक बड़ी ठगी होने से बच गई.
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर नेताओं, फिल्मी कलाकारों और अन्य चर्चित हस्तियों की तस्वीर लगाकर फर्जी पहचान बनाते हैं. इसके बाद इनाम, आर्थिक सहायता, निवेश या अन्य लालच देकर लोगों से पैसे और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या विदेशी नंबर से आने वाले कॉल या संदेश पर आंख बंद कर भरोसा न करें. आधार कार्ड, बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें.
संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस तरह का संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त होता है, तो वह तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराए या अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करे. समय रहते शिकायत करने से साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई आसान हो सकती है और लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है.
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