दुकान में घुसी फायर ब्रिगेड
दुकान में घुसी फायर ब्रिगेड
राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट में आग बुझाने की मॉक ड्रिल के दौरान बड़ा हादसा हो गया. जिस फायर ब्रिगेड को आग जैसी आपात स्थिति से निपटने और लोगों की सुरक्षा के लिए अभ्यास करना था, वही लोगों के लिए मुसीबत बन गई. मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड एक महिला की ओर बढ़ गई और उसे टक्कर मारते हुए दुकान में जा घुसी. हादसे में महिला के पैर में गंभीर चोट आने की बात सामने आई है, जबकि उसके पति की कमर में भी चोट लगी है. घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित व्यापारियों ने नगर निगम के अमले को घेर लिया.
जानकारी के मुताबिक, महिला अपने पति के साथ न्यू मार्केट में पूजा का सामान खरीदने आई थी. दोनों बाजार में खरीदारी कर रहे थे, तभी मॉक ड्रिल के दौरान चल रही फायर ब्रिगेड की चपेट में आ गए. आरोप है कि फायर ब्रिगेड का चालक वाहन चलाते समय आसपास मौजूद लोगों पर ध्यान नहीं दे रहा था. इसी लापरवाही के चलते वाहन महिला की ओर बढ़ा और उसे चोट लग गई. इसके बाद फायर ब्रिगेड दुकान के अंदर जा घुसी. घटना ने बाजार में सुरक्षा व्यवस्था और मॉक ड्रिल के दौरान बरती जा रही सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
महिला ने ड्राइवर पर लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद घायल महिला ने आरोप लगाया है कि फायर ब्रिगेड का ड्राइवर बिना देखे वाहन चला रहा था. महिला के मुताबिक, बाजार में लोगों की आवाजाही के बीच वाहन चलाते समय जरूरी सावधानी नहीं बरती गई. महिला के पैर में चोट आई, जबकि उसके पति की कमर में भी चोट लगी. घटना के बाद दोनों को लेकर चिंता बढ़ गई. महिला का पैर काफी चोटिल हुआ है. महिला ने काफी गुस्सा जाहिर किया नगर निगम की फायर ब्रिगेड को लेकर.
दुकान में घुसी फायर ब्रिगेड, व्यापारियों में आक्रोश
न्यू मार्केट जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद व्यापारियों में नाराजगी फैल गई. व्यापारियों ने नगर निगम के अमले को घेरकर विरोध जताया. उनका सवाल है कि लोगों की सुरक्षा के लिए की जा रही मॉक ड्रिल के दौरान अगर इस तरह की लापरवाही होगी, तो बाजार में खरीदारी करने आने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? हादसे के बाद बाजार में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई. व्यापारियों ने जिम्मेदारों से जवाब मांगते हुए घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की.
सवालों के घेरे में नगर निगम की व्यवस्था
इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या मॉक ड्रिल से पहले बाजार में लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे? क्या वाहन चालक को भीड़भाड़ वाले इलाके में सावधानी से वाहन चलाने के निर्देश दिए गए थे? क्या अभ्यास के दौरान फायर ब्रिगेड के आगे-पीछे पर्याप्त कर्मचारी तैनात थे, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके?