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Bhopal News: इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपंड बढ़ाने को लेकर किया प्रदर्शन, सड़क पर लगा लंबा जाम... लोगों समेत पुलिस वाहन दिखे रॉन्ग साइड चलते

भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया. उनका प्रदर्शन इस कदर मजबूत था कि पुलिस को बीच में आना पड़ा और बल का प्रोयग तक करना पड़ा. उनके प्रदर्शन के चलते सड़क पर लंबा जाम भी लगा.

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प्रदर्शन करते इंटर्न डॉक्टर और लगा ट्रैफिक जाम प्रदर्शन करते इंटर्न डॉक्टर और लगा ट्रैफिक जाम

राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया. अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सुबह करीब 10 बजे हमीदिया अस्पताल परिसर में जुटे और जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया. 

इंटर्न डॉक्टर की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने हमीदिया परिसर और मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया. प्रदर्शनकारियों को बाहर निकलने से रोकने के लिए सड़क पर बैरिकेडिंग कर गेट पर ताला तक लगा दिया. इसके बावजूद इंटर्न डॉक्टर पीछे हटने को तैयार नहीं हुए. पुलिस की रोकने की कोशिशों के बीच इंटर्न डॉक्टर मार्च निकालते हुए हमीदिया अस्पताल से कमला पार्क और शीतल दास की बगिया तक पहुंच गए.

क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन इंटर्न डॉक्टर?

दरअसल इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपंड बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि वह लिखित आश्वासन के बाद ही अपना प्रदर्शन खत्म करेंगे. वहीं इस मामले में मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने भी वीडियो जारी कर भविष्य के डॉक्टरो की मांग का समर्थन किया है.

मौजूदा समय में उन्हें स्टाइपंड में 14337 रुपए मिल रहे हैं, लेकिन उनकी मांग है कि इसे बढ़ा कर 30 हजार रुपए किया जाए. साथ ही ही उनके प्रदर्शन को देख पुलिस ने भी उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही.

प्रदर्शन से हुआ यातायात भी प्रभावित

इंटर्न डॉक्टर के सड़क पर पहुंचते ही इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए. 

राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानियों का सामना करना पड़ा. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया. इसके बाद वॉटर कैनन से पानी की बौछार कर इंटर्न डॉक्टर को पीछे हटाने का प्रयास किया गया. 

पुलिस ने खुद तोड़े नियम!

पुलिस अधिकारियों की गाड़ियों समेत कई अन्य वाहन रॉन्ग साइड से निकलते नजर आए. जिस समय आम लोगों को जाम में घंटों परेशान होना पड़ा, उसी दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में यातायात नियमों की अनदेखी के दृश्य भी सामने आए.  इससे व्यवस्था संभालने वाले प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं. 

अब सवाल यह है कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और वॉटर कैनन तक इस्तेमाल करने वाले प्रशासन के सामने जब ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही थी, तो उसे संभालने की जिम्मेदारी किसकी थी?