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Bihar Flood Crisis 2026: पटना में गंगा का रिकॉर्ड जलस्तर खतरे से ऊपर, मंत्री विजय चौधरी बोले- 2016 का रिकॉर्ड भी टूटा

बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि पटना में गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर पहुँचकर 2016 का रिकॉर्ड तोड़ चुका है. दक्षिण बिहार में भी नदियां उफान पर हैं, और प्रभावित इलाकों में कम्युनिटी किचन व राहत शिविर चलाए जा रहे हैं.

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बिहार में बाढ़ का कहर बिहार में बाढ़ का कहर

बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर डिप्टी सीएम और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इस बार गंगा में रिकॉर्ड स्तर पर पानी आया है. उन्होंने कहा कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल था. सरकार की ओर से लगातार बिहार के लोगों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है और बाढ़ से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम किया जा रहा है.

पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड
विजय कुमार चौधरी ने बताया कि इससे पहले साल 2016 में पटना के घाट वाले इलाके में गंगा का जलस्तर 50.52 मीटर तक पहुंचा था, जो अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड था. इस बार गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया है. यानी इस बार अब तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में इस बार इतना पानी आया है कि कई इलाकों में गंभीर स्थिति बनी है. खासकर भागलपुर में बाढ़ के कारण काफी समस्या उत्पन्न हुई. वहां सभी अधिकारी कैंप करके स्थिति को संभालने में जुटे रहे.

दक्षिण बिहार की नदियों में भी बढ़ा पानी
मंत्री ने बताया कि दक्षिण बिहार की जितनी भी नदियां हैं, उनमें झारखंड की ओर से पानी आता है. इस बार इन नदियों में भी सबसे ज्यादा बाढ़ का पानी आया है. जहां भी जमींदारी तटबंध हैं, वहां करीब 6 किलोमीटर तक तटबंध के ऊपर से पानी गुजर गया. इसके कारण जहानाबाद और नालंदा के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है. सरकार की कोशिश है कि बाढ़ का पानी किसी भी रिहायशी इलाके में न पहुंचे और लोगों को प्रभावित होने से बचाया जा सके.

रिहायशी इलाकों में राहत कैंप के निर्देश
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार की तरफ से पूरी मुस्तैदी के साथ काम किया जा रहा है. अगर कहीं रिहायशी इलाके में बाढ़ का पानी पहुंचता है तो वहां तत्काल राहत कैंप शुरू करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ पिछले सात दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया है. सर्वेक्षण के दौरान जहां-जहां बाढ़ का पानी घुसा है, वहां मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत सामग्री बांटने के निर्देश दिए हैं.

गरीबों के लिए चल रहे कम्युनिटी किचन
मंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान खासकर गरीब लोग ही ज्यादा विस्थापित होते हैं. ऐसे लोगों के लिए कम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है. वहीं, बाढ़ के कारण किसानों की फसल को नुकसान होता है तो उन्हें फसल क्षति की क्षतिपूर्ति दी जाएगी. डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि अभी स्थिति थोड़ी दुखद जरूर है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बाढ़ का मौसम अभी एक महीना बाकी है. ऐसे में विभाग और सरकार की तरफ से आगे भी पूरी मुस्तैदी बरती जाएगी, ताकि बिहारवासियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
 

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