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शराबियों के खिलाफ दुर्गा बनकर खड़ी है नविता, गांव को शराब मुक्त करने का लिया संकल्प

देश के बहुत से ग्रामीण इलाकों में शराब एक बड़ी समस्या बन चुकी है. अगर किसी भी एक परिवारजन को शराब की लत हो तो पूरे परिवार, खासकर कि महिलाओं के लिए यह परेशानी का सबब बन जाता है. इसलिए आजकल गांवों में शराबबंदी मुहिम चलाई जा रही हैं. बिहार के खगड़िया में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. एक बहुत ही सामान्य परिवार से आने वाली एक युवती नविता कुमारी शराबबंदी कानून को सफल बनाने के अभियान में जुटी हैं. 

नविता कुमारी नविता कुमारी
हाइलाइट्स
  • शराबियों के खिलाफ दुर्गा बनकर खड़ी है नविता

  • शराबबंदी कानून को सफल बनाने की मुहिम

देश के बहुत से ग्रामीण इलाकों में शराब एक बड़ी समस्या बन चुकी है. अगर किसी भी एक परिवारजन को शराब की लत हो तो पूरे परिवार, खासकर कि महिलाओं के लिए यह परेशानी का सबब बन जाता है. इसलिए आजकल गांवों में शराबबंदी मुहिम चलाई जा रही हैं. 

कहीं ग्राम पंचायत इस विषय पर गौर कर रही है तो कहीं किसी सामान्य ग्रामीण ने इस सामाजिक बुराई को समाज से खदेड़ने की जिम्मेदारी ली है. बिहार के खगड़िया में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. एक बहुत ही सामान्य परिवार से आने वाली एक युवती नविता कुमारी शराबबंदी कानून को सफल बनाने के अभियान में जुटी हैं. 

शराबियों के खिलाफ दुर्गा बनकर खड़ी है यह लड़की: 

नविता कुमारी शराबियों के लिए दुर्गा बनकर कहर ढा रही हैं. उन्हें इलाके में जहां से भी खबर मिलती है कि शराबियों ने अड्डा बनाया हुआ है और जाम छलक रहे हैं. वह वहां खुद पहुंच जाती हैं और उन्हें खदेड़ने लगती हैं. वह सिर्फ उन्हें भगाती नहीं है बल्कि पुलिस को भी जानकारी देती हैं ताकि शराबबंदी कानून सफलतापूर्वक लागू हो सके. 

शराबियों को गांव से खदेड़ने के नविता के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.शराब बंदी को लेकर नविता के इस प्रयास की सराहना भी हो रही है. 

मिलेगा पुरस्कार भी: 

जिले के एसपी अमितेश कुमार का कहना है कि नविता इस कार्य के लिए पुरस्कार का हकदार है. लिहाजा उसे पुलिस प्रशासन जल्द सम्मानित करेगा. 

बताया जा रहा है कि नविता कुमारी परबत्ता प्रखण्ड के कोरचक्का गांव की रहने वाली हैं. उनके गांव के स्कूल को शराबियों ने नशे का अड्डा बना दिया था. जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होने लगी. इसलिए स्कूल को और अपने गांव को शराब मुक्त बनाने के लिए उन्होंने प्रण लिया. 

उन्होंने स्कूल से शराबियों को भगाया और पुलिस के हवाले किया. स्थानीय पुलिस को भी उनके दवाब में एक्शन लेना पड़ा. अन्यथा उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस भी शराबबंदी कानून के प्रति गंभीर नहीं है इसलिए यह सब हो रहा है. लेकिन उनका प्रण है कि वह इस कानून को सफल बनाकर रहेंगी.  

(स्वतंत्र सिंह की रिपोर्ट)