BRICS Summit 2026
BRICS Summit 2026
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि हम दुनिया में ग्रोथ इंजन बन रहे हैं. जबकि ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि आज दुनिया सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की 40 फीसदी जीडीपी ब्रिक्स की है.
दुनिया की 40 फीसदी GDP ब्रिक्स की- पीएम मोदी
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की शुरुआत 4 देशों से हुई थी, जो आज 21 देशों का परिवार बन गया है. दुनिया की 40 फीसदी जीडीपी ब्रिक्स की है. उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल जीडीपी करीब ढाई गुना हुई है, वहीं ब्रिक्स देशों की कंबाइन जीडीपी करीब साढ़े 4 गुना हुई है.
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश इनोवेशन के अहम सेंटर बन चुके हैं. हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं. जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं. ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं. भारत के इकोसिस्टम को कई देश अपना रहे हैं.
भारत ग्लोबल सॉल्यूशन का हब- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत स्टार्टअप के जरिए ग्लोबल सॉल्यूशन का हब बन रहा है. आज दुनिया में ट्रेड बैरियर बढ़ रहे हैं, लेकिन हमारा ट्रेड ब्रिज भी लगातार बढ़ रहा है. वहीं, भारत आगे बढ़ रहा है. ब्रिक्स में भी हमारी अप्रोच यही है, बैरियर को कम करना, व्यापार को बढ़ाना.
GDP में G7 से आगे BRICS- पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि आज की दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है. ब्रिक्स के जरिए मुश्किलों का सामना किया जा सकता है. ब्रिक्स के कारोबार को बढ़ावा हमार लक्ष्य है. पुतिन ने कहा कि जीडीपी में ब्रिक्स G7 से आगे निकल गया है. उन्होंने कहा कि हम दुनिया में ग्रोथ इंजन बन रहे हैं.
दुनिया के सामने मुश्किल समय- पेजेशकियान
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है. भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाई चेन में व्यवधान और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों का बढ़ता इस्तेमाल ने देशों के आर्थिक कामकाज के माहौल को और भी जटिल बना दिया है. ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि सवाल उठता है कि इन चुनौतियों के प्रति ब्रिक्स की क्या प्रतिक्रिया है? हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था के आकार तक सीमित नहीं है. बल्कि यह तब और साफ तौर पर दिखती है, जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के एक नेटवर्क में परिवर्तन किया जाता है, यानी संभावित सहयोग से असल कामकाज वाले सहयोग की ओर बढ़ना.
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