Iranian President Masoud Pezeshkian
Iranian President Masoud Pezeshkian
दिल्ली में BRICS Summit शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन की एक तस्वीर चर्चा में आ गई. तस्वीर में पीएम मोदी ईरानी राष्ट्रपति का हाथ थामकर कार्यक्रम स्थल की ओर जाते नजर आए. यह तस्वीर इसलिए भी खास रही, क्योंकि इस समय ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और भारत दोनों पक्षों के साथ अपने रिश्ते संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है.
India Today को दिए खास इंटरव्यू में पजेश्कियन ने इस तस्वीर को दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी का संकेत बताया. उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति का पद संभाला है, तब से प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके रिश्ते लगातार बेहतर हुए हैं.
भारत और ईरान के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे
पजेश्कियन ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते सिर्फ मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित नहीं हैं. दोनों देशों के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक रिश्ते और लंबा इतिहास है. समय के साथ यह रिश्ता नहीं बदलेगा. ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, उनका देश भारत के साथ संबंधों को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है.
अमेरिका पर निशाना, कहा- बढ़ते तानाशाही के खिलाफ सहयोग जरूरी
इंटरव्यू में पजेश्कियन ने भारत और ईरान के बीच ज्यादा सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ती तानाशाही का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग मददगार हो सकता है. उनका यह बयान अमेरिका की नीतियों पर अप्रत्यक्ष निशाने के तौर पर देखा जा रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में तनाव फिर बढ़ा है और दोनों तरफ से हमले भी हुए हैं.
ईरान के सुप्रीम लीडर पर बड़ा दावा
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर चल रही अटकलों पर भी पजेश्कियन ने जवाब दिया. उन्होंने साफ कहा कि मोजतबा जिंदा हैं और अपना काम कर रहे हैं. पजेश्कियन ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के कई नेताओं को निशाना बना चुका है, लेकिन वह मोजतबा की लोकेशन का पता नहीं लगा पाया है. उनके मुताबिक, इसी वजह से उनके बारे में गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं. मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण उनकी हालत और ठिकाने को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की अटकलें लगती रही हैं.
मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात में मिडिल ईस्ट पर चर्चा
BRICS Summit के दौरान भारत और ईरान के रिश्तों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की स्थिति भी अहम मुद्दा है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति और खाड़ी देशों के साथ ईरान के रिश्तों में बढ़ता तनाव भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती है. प्रधानमंत्री मोदी ने पजेश्कियन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात में पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की जरूरत बताई. उन्होंने समुद्री रास्तों से आवाजाही की आजादी और सुरक्षित नेविगेशन बनाए रखने पर भी जोर दिया.
BRICS में भारत के सामने संतुलन की चुनौती
ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव का असर BRICS पर भी पड़ सकता है. भारत को संगठन के सदस्य देशों के बीच साझा बयान पर सहमति बनाने की कोशिश करनी है. एक तरफ भारत के ईरान के साथ पुराने और रणनीतिक रिश्ते हैं, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी देशों के साथ भारत के मजबूत व्यापारिक और रणनीतिक संबंध हैं. ऐसे में BRICS के मंच पर भारत के लिए सभी पक्षों के बीच संतुलन बनाना बड़ी कूटनीतिक परीक्षा होगी.