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Covid-19 के नए वेरिएंट Omicron को लेकर देश Alert! केंद्र ने राज्यों को दिए खास दिशा-निर्देश

हाल ही में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी.के पॉल ने कोविड-19 के नए वेरिएंट को ‘एक महामारी के भीतर दूसरी महामारी’ कहा था. डॉ पॉल ने इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करने, भीड़-भाड़ से बचने और वैक्सीनेशन में तेजी लाने की सलाह दी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
  • अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की हो अच्छे से निगरानी

  • सभी क्षेत्रों में हो ICU,ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर अन्य सुविधाएं

  • प्रशासन के बीच हो कोर्डिनेशन

कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) की खबरों के बीच देश अलर्ट हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वह इससे बचने के लिए सभी उपायों का पालन करें. हालांकि अभी तक भारत में कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इससे बचने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं.

मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक की है. बैठक में उन्होंने राज्यों को कुछ खास उपाय बताएं और राज्यों को कुछ दिशा निर्देश भी जारी किए. इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल भी मौजूद रहे. 

अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की हो अच्छे से निगरानी

जो देश ‘रिस्क’ वाली केटेगरी में हैं, उन देशों से आने वाले यात्रियों का पहले दिन और 8वें दिन टेस्ट होना चाहिए. इसके साथ इन देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कहा गया है कि  वे आरटी-पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने तक एयरपोर्ट पर ही इंतजार करें, इससे पहले कोई कनेक्टिंग फ्लाइट बुक न करें. 

इसके साथ, राज्यों को कहा गया है कि एयरपोर्ट पर आने वाले उन यात्रियों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए भेजें, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. राज्य कोविड-19 पॉजिटिव रिपोर्ट वाले व्यक्तियों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और 14 दिनों तक उनका फॉलो अप  जरूर लें. 

ज्यादा से ज्यादा करें टेस्टिंग 

केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करें और टेस्टिंग गाइडलाइन्स को सख्ती से लागू करें. देश के हर जिले में पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग करें और आरटी-पीसीआर भी. साथ ही जिन भी क्षेत्रों में ज्यादा पॉजिटिव केस आए हैं, यानि हॉटस्पॉट हैं उनकी प्रभावी निगरानी करें.  साथ ही जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सभी पॉजिटिव सैम्पल्स को INSACOG लैब में भेज दें.

होम आइसोलेशन वाले मामलों की नियमित निगरानी 

होम आइसोलेशन के मामलों की प्रभावी और नियमित निगरानी करने की सलाह भी दी गयी है. साथ में जो भी यात्री ​’रिस्क’ वाले देशों के से आए हैं और होम आइसोलेशन में हैं उनके घर पर स्वयं जाकर उनकी निगरानी करें. 

राज्यों को कहा गया है कि जो लोग वे 8वें दिन टेस्ट के बाद कोविड-19 नेगेटिव आ गए हैं, उनकी भी राज्य प्रशासन खुद शारीरिक रूप से जाकर निगरानी करें.

सभी क्षेत्रों में हो ICU,ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर अन्य सुविधाएं 

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे आईसीयू,ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर, आदि की उपलब्धता हो. ग्रामीण क्षेत्रों और बाल चिकित्सा मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ईसीआरपी-II को लागू किया जाए. लॉजिस्टिक्स, दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडरों आदि की आपूर्ति भी हो.

प्रशासन के बीच हो कोर्डिनेशन 

राज्य प्रशासन, बीओआई अधिकारियों, एयरपोर्ट पब्लिक हेल्थ अधिकारी, पोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों (PHO) और लैंड बॉर्डर क्रॉसिंग ऑफिसर्स (LBCO) के बीच कोर्डिनेशन हो.

आपको बता दें, मंगलवार रात से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किये हैं. इनके लिए राज्यों को बीओआई, एपीएचओ, पीएचओ और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने की सलाह दी गयी है.

वैक्सीनेशन में लाएं तेजी 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने और लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगाने के लिए स्वाथ्य ,मंत्रालय ने देश में "हर घर दस्तक" वैक्सीनेशन कैंपेन शुरू किया है. वैक्सीनेशन ड्राइव को 100% पहली डोज कवरेज और दूसरी डोज के बैकलॉग को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. राज्यों को सलाह दी गई है कि वे कोविड-19 वैक्सीनेशन की गति और कवरेज में तेजी लाएं. 

कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का करें पालन: डॉ वी.के पॉल 

आपको बता दे, हाल ही में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी.के पॉल ने कोविड-19 के नए वेरिएंट को  ‘एक महामारी के भीतर दूसरी महामारी’ कहा था. डॉ पॉल ने इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करने, भीड़-भाड़ से बचने और वैक्सीनेशन में तेजी लाने की सलाह दी है.