स्वच्छ टेक्नोलॉजी चैलेंज लॉन्च
स्वच्छ टेक्नोलॉजी चैलेंज लॉन्च
केंद्र ने सोमवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ‘स्वच्छ प्रौद्योगिकी चुनौती' (Swachh Technology Challenge) की शुरुआत की. भारत में वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए ये चैलेंज लॉन्च किया गया है. इस चैलेंज का उद्देश्य भारत में कचरा प्रबंधन क्षेत्र की क्षमता को बढ़ाना और उद्यम विकास के लिए अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने अपने बयान में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के अनुरूप, स्वदेशी, किफायती प्रौद्योगिकियों की पहचान करने की आवश्यकता है जिन्हें बनाना और फैलाना आसान हों.
बयान में कहा गया कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के विभिन्न घटकों को जमीन पर लागू करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों द्वारा ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है. मंत्रालय ने कहा कि सालों से स्वच्छ भारत मिशन, खासतौर पर स्वच्छ सर्वेक्षण, एमओएचयूए द्वारा आयोजित वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण के माध्यम से नवाचारों और सर्वोत्तम तरीकों को प्रोत्साहित कर रहा है. मंत्रालय के अनुसार स्वच्छ प्रौद्योगिकी चुनौती 15 जनवरी, 2022 तक चलेगी. यह चार केटेगरी- सामाजिक समावेश, जीरो डंप (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन), प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और डिजिटल सक्षमता के माध्यम से वेस्ट मैनेजमेंट के समाधान तलाशेगी.
भारत में वेस्ट मैनेजमेंट क्षमता चार गुना बढ़ी
बयान में कहा गया, 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के तहत नागरिक जुड़ाव के घटक के रूप में डिज़ाइन किया गया स्वच्छ टेक्नोलॉजी चैलेंज मिशन को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने में मदद करने के लिए न केवल स्टार्ट-अप, बल्कि व्यक्तिगत उद्यमियों, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय व्यवसायों, अनुसंधान और विकास संगठनों, गैर सरकारी संगठनों और दूसरे नागरिक समूहों से भी समाधान आमंत्रित करती है." इस बीच, मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन- शहरी 2.0 के तहत देश में अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UANDP)-भारत के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर भी हस्ताक्षर किए. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत में वेस्ट मैनेजमेंट क्षमता लगभग चार गुना बढ़ गई है. ये 2014 में 18 प्रतिशत से आज 70 प्रतिशत हो गई है.