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सीएम ने पेश की मानवता की मिसाल, अपना हेलीकॉप्टर रोक बचाई पेशेंट की जान

हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मानवीय संवेदना की मिसाल कायम की है. हेलिकॉप्टर से सफर कर रहे सुक्खू को आसमान से एक एम्बुलेंस रास्ते में फंसी दिखी. फिर उन्होंने अपने हेलिकॉप्टर की लैंडिंग करा दी. वो खुद हेलिकॉप्टर से नीचे आ गए और उससे एम्बुलेंस में फंसे मरीज को अस्पताल भिजवा दिया. मरीज वक्त पर अस्पताल पहुंच गया और समय रहते उसका इलाज शुरू होने से मरीज की जान बच गई.

सीएम ने पेश की मानवता की मिसाल सीएम ने पेश की मानवता की मिसाल
हाइलाइट्स
  • अपना हैलिकॉप्टर लेकर पहुंचे सुक्खु

  • सीएम ने बचाई मरीज की जान

हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश की है. सुक्खू मंगलवार को चंबा जिले के दौरे पर थे. दौरा पूरा करने के बाद वो हेलिकॉप्टर से चंबा से शिमला लौट रहे थे. तभी रास्ते में उन्होंने आसमान से ही देखा कि बर्फबारी की वजह से रास्ता ब्लॉक हो चुका है और एक एम्बुलेंस फंसा हुआ है. 

अपना हैलिकॉप्टर लेकर पहुंचे सुक्खु
अपने व्यस्त कार्यक्रम की परवाह नहीं करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने हेलिकॉप्टर की लैंडिंग का आदेश दिया. खुद हेलिकॉप्टर से नीचे उतर गए और एम्बुलेंस में फंसे रोहित नाम के मरीज को उसी हेलिकॉप्टर से कांगड़ा भिजवा दिया. वक्त पर इलाज मिल जाने से रोहित अब खतरे से बाहर हैं. उधर रोहित के परिजन सीएम साहब की इस नेकदिली को लेकर भाव विभोर हैं. दरअसल रोहित की सांस नली में सीवियर इंजरी है. उनकी सांस नली में कट लगा हुआ है. कहने की जरूरत नहीं कि उन्हें इलाज की तत्काल जरूरत थी. 

सीएम ने बचाई मरीज की जान
सीएम सुखविंदर सुक्खू ने हालात की गंभीरता शिद्दत से महसूस किया और मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपना हेलिकॉप्टर दे दिया और खुद सड़क मार्ग से शिमला गए. अगर वो ऐसा नहीं करते तो मरीज की जान भी जा सकती थी. बहरहाल वक्त पर पहुंच जाने के बाद कांगड़ा अस्पताल के डॉक्टर ने तुरंत रोहित का इमरजेंसी ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जिसकी वजह से वो अब खतरे से बाहर हैं. अस्पताल प्रबंधन ने ऐलान किया है कि वो रोहित के इलाज का खर्चा खुद उठाएगा. 

सीएम की दरियादिली देख खुश हुए लोग 
कहने की जरूरत नहीं कि हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने मानवता की अनूठी मिसाल कायम की है. उन्होंने रोहित की जान बचाने में अहम भूमिका निभाकर देश के बाकी सियासतदानों के लिए एक नजीर पेश की है. दरअसल यही असली लोकतंत्र है. जनता की ओर से दिए गए पद और पावर का इस्तेमाल अगर जनता के हित में हो तो लोकतंत्र की गरिमा और बढ़ती है. रोहित और उनके परिजन मुख्यमंत्री की इस दरियादिली को आखिरी सांस तक याद रखेंगे.