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आम आदमी पर महंगाई का डबल अटैक: CNG-PNG के बाद दूध भी हुआ महंगा, सितंबर की शुरुआत में बढ़ा घरेलू बजट का बोझ

पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण LNG की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. सीएनजी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को इंपोर्टेड स्पॉट RLNG पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इससे गैस की खरीद लागत बढ़ गई है.

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महंगाई की दोहरी मार महंगाई की दोहरी मार

आम आदमी के लिए सितंबर महीने की शुरुआत राहत नहीं, बल्कि महंगाई की नई मार लेकर आने वाला है. एक साथ कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं. गैस लिमिटेड ने 1 सितंबर 2026 से सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. वहीं, ताजा तबेला दूध के दाम में भी 9 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. ऐसे में आम आदमी के लिए सफर करना, खाना पकाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है.

त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
सितंबर से त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है. ऐसे में दूध, गैस और परिवहन महंगा होने से परिवारों का बजट बिगड़ सकता है. दूध की कीमत बढ़ने से चाय, मिठाई और दूसरी डेयरी चीजों की लागत भी बढ़ने की आशंका है. वहीं, महंगे सीएनजी का असर परिवहन के साथ अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है. महंगाई का यह असर सबसे ज्यादा मध्यम और गरीब परिवारों पर पड़ सकता है. आमदनी में खास बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद रोजमर्रा के खर्च बढ़ने से लोगों को घर का बजट संभालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

CNG और PNG के दाम बढ़े
MGL ने अपने सभी रिटेल आउटलेट्स पर सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है. वहीं, पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंचने वाली घरेलू पीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर यानी SCM की बढ़ोतरी की गई है. नई कीमतें 1 सितंबर से लागू हो गई हैं. सीएनजी महंगी होने का सीधा असर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन चलाने वाले लोगों पर पड़ेगा. वहीं, पीएनजी की कीमत बढ़ने से घरों का रसोई बजट भी प्रभावित होगा.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
MGL के मुताबिक, पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण LNG की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. सीएनजी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को इंपोर्टेड स्पॉट RLNG पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इससे गैस की खरीद लागत बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि तीन चरणों में सीएनजी अब तक 6 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है.

तबेला दूध भी हुआ 9 रुपये महंगा
गैस की कीमतों के बीच मुंबई में ताजा तबेला दूध खरीदने वालों को भी बड़ा झटका लगा है. दूध की कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है. यानी लोगों को अब हर लीटर दूध के लिए 9 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. नई दरें 1 सितंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेंगी.

प्याज की कीमत में उछाल
28 अगस्त को देश में प्याज का औसत खुदरा भाव करीब 37.87 रुपये प्रति किलो था. यानी 80 रुपये प्रति किलो का भाव देशभर का औसत नहीं है, बल्कि कुछ इलाकों का ही खुदरा कीमत है. बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज जारी करने, सस्ते दाम पर बिक्री और कांदा एक्सप्रेस के जरिए प्रमुख शहरों तक प्याज पहुंचाने जैसे कदम उठाए हैं. इसके बावजूद कई जगह लोगों को महंगा प्याज खरीदना पड़ रहा है.

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