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Gandhinagar News: नाबालिग से दुष्कर्म करने का मामला, कोर्ट ने सिर्फ 72 घंटे में आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

गांधीनगर ने कलोल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने सिर्फ 72 घंट में 42 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. पुलिस ने शिकायत के 18 दिन में चार्जशीट दाखिल की थी. इस तरह से कलोल सत्र अदालत ने बच्चियों के खिलाफ अत्यंत गंभीर और अमानवीय अपराध के मामले में न्यायपालिका का एक अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया है. 

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 Rape Accused Sentenced to Life Imprisonment Rape Accused Sentenced to Life Imprisonment

गुजरात के गांधीनगर जिले की कलोल सत्र अदालत ने बच्चियों के खिलाफ अत्यंत गंभीर और अमानवीय अपराध के मामले में न्यायपालिका का एक अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया है. 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण करने, बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती बनाने वाले 42 वर्षीय आरोपी के खिलाफ कोर्ट में मामला आते ही महज 72 घंटे के रिकॉर्ड समय में सुनवाई पूरी कर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. पुलिस ने शिकायत के 18 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की थी. 

पुलिस ने पॉक्सो के तहत मामला किया था दर्ज 
2 जून, 2026 को मोटी आदरज गांव का 42 वर्षीय आरोपी भरतजी ठाकोर कलोल की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को भगा ले गया था. शादीशुदा और बच्चे होने के बावजूद आरोपी ने नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म किया. इसके कारण नाबालिग छह सप्ताह की गर्भवती हो गई थी. इस मामले में कलोल तालुका पुलिस ने 12 जुलाई, 2026 को पॉक्सो (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया और 3 अगस्त को दोनों को ढूंढ निकाला. 

आरोपी जरा भी दया का पात्र नहीं 
पीआई जेजे गढ़वी और उनकी टीम ने आरोपी के मिलने के बाद 18 दिनों में गहन जांच पूरी की और 21 अगस्त को कोर्ट में चार्जशीट जमा की. सरकारी पक्ष की ओर से एपीपी ने ठोस दलीलें और सबूत पेश किए. सभी गवाहों ने कोर्ट में अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन करते हुए गवाही दी. सरकारी वकील ने कोर्ट में दलील दी कि 42 साल के आरोपी ने नाबालिग की नासमझी का फायदा उठाया और उसे धमकाकर गर्भवती कर दिया. इस वजह से नाबालिग को गर्भपात करवाना पड़ा. इस हरकत से बच्ची का भविष्य बर्बाद हो गया है, इसलिए आरोपी जरा भी दया का पात्र नहीं है. 

उम्रकैद की सजा और दो लाख रुपए का जुर्माना 
कोर्ट ने फैसले की शुरुआत में ही एक श्लोक का जिक्र करते हुए कहा, जब धर्म सभा मौन हुई तब अन्याय प्रबल हो जाता है, जब सत्य अकेला रह जाए तब इतिहास बदल जाता है. कोर्ट ने कहा कि पीड़ित एक छोटी बच्ची है. उसकी नासमझी का फायदा उठाकर आरोपी ने जो शारीरिक और मानसिक शोषण किया, वह अकल्पनीय है. कोर्ट ने आरोपी भरतजी ठाकोर को उम्रकैद की सजा और दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा, पीड़ित बच्ची को 3 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है.