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आज से कनाडा में वो लोग, जिन्हें कोरोना वायरस के खिलाफ इम्युनिटी के लिए भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के डोज दिए गए हैं, प्रवेश कर पाएंगे. हैदराबाद की इस कंपनी की वैक्सीन को कनाडा सरकार द्वारा 19 नवंबर को मंजूरी दी गई थी. सरकारी बयान में कहा गया था कि 30 नवंबर से, कनाडा के भीतर और बाहर यात्रा के लिए टीकाकरण की आवश्यकता होगी. इस बयान के अनुसार एक वैध कोविड-19 मॉलिक्युलर टेस्ट को अब टीकाकरण के विकल्प के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
चीन के सिनोफार्म और सिनोवैक टीकों को भी मिली मंजूरी
कनाडा सरकार के अनुसार, देश में पूरी तरह से वैक्सीनेटेड यात्री के रूप में क्वालीफाई करने के लिए, व्यक्तियों को सरकार द्वारा स्वीकृत टीके की कम से कम दो डोज या दो स्वीकृत टीकों का मिश्रण या जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की एक डोज मिली हुई होनी चाहिए. भारत बायोटेक के अलावा, कनाडा ने चीन के सिनोफार्म और सिनोवैक टीकों को भी कोविड-19 के खिलाफ मंजूरी दे दी है. ऐसे यात्रियों को, जो किसी चिकित्सीय कारणवश टीकाकरण नहीं करवा सकते, सीमित छूट दी जाएगी.
इंटरनेशनल स्टूडेंट्स और वर्क परमिट वाले लोग फिलहाल दायरे से बाहर
बयान में कहा गया है कि अगले साल 15 जनवरी से उन यात्रियों को, जिन्हें वर्तमान में एंट्री रिक्वायरमेंट से छूट दी गई है, उन्हें कनाडा में प्रवेश करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब उनका वैक्सीनेशन पूरा हो चुका होगा. बयान में यह भी कहा गया कि ऐसे यात्रियों में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के अंतर्राष्ट्रीय छात्र, अपने परिवारों के साथ दोबारा मिलने वाले लोग, पेशेवर और शौकिया एथलीट, अस्थायी विदेशी श्रमिकों और आवश्यक सेवा कर्मचारियों सहित वैध वर्क परमिट वाले लोग शामिल हैं.