IMD issues intense rainfall warning due to Cyclone Ditwah
IMD issues intense rainfall warning due to Cyclone Ditwah भारत मौसम विज्ञान विभाग ने (IMD) दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में चक्रवात दित्वा की पुष्टि की है. अगले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत के कई राज्यों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा. IMD ने कहा कि दित्वा श्रीलंका और बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है. इससे तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी वर्षा की संभावना बढ़ गई है. यह तूफान चेन्नई से दक्षिण पूर्व में 700 किलोमीटर और पुद्दुचेरी से दक्षिण पूर्व में 610 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. IMD के अनुसार तूफान पिछले 6 घंटे में लगभग 8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ा है.
Ditwah नाम का मतलब क्या है?
IMD की परंपरा के अनुसार हिंद महासागर क्षेत्र के देशों द्वारा चक्रवातों के नाम सुझाए जाते हैं. Ditwah नाम यमन द्वारा दिया गया है. दित्वा वास्तव में सोकोट्रा द्वीपसमूह में स्थित एक फेसम प्राकृतिक लैगून Ditwah Lagoon से प्रेरित नाम है, जो अपनी नीली झील और शांत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है.
साइक्लोन दित्वा कितना मजबूत हो सकता है?
IMD ने कहा है कि फिलहाल यह तूफान Cyclonic Storm कैटेगरी में है, यानी हवा की गति लगभग 60-70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. बंगाल की खाड़ी की गर्म समुद्री सतह इसे और मजबूत कर सकती है, लेकिन वर्तमान अनुमानों के मुताबिक यह तूफान Severe Cyclonic Storm (90-100 किमी/घंटा) में बदलता हुआ नहीं दिख रहा है.
(A) Cyclonic Storm Ditwah [Pronunciation: Ditwah] over coastal Sri Lanka & adjoining southwest Bay of Bengal
— India Meteorological Department (@Indiametdept) November 27, 2025
The Cyclonic Storm Ditwah [Pronunciation: Ditwah] over coastal Sri Lanka and adjoining southwest Bay of Bengal moved northwestwards with the speed of 8 kmph during past 6…
IMD के मुताबिक बंगाल की खाड़ी की मौजूदा हवा इसे तीव्र होने से रोक सकती है. यानी नुकसान की सबसे अधिक संभावना बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से है, न कि तेज हवाओं से.
Cyclone Ditwah और कहां बन रहा है?
दित्वा दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक लो-प्रेशर एरिया से विकसित हुआ उष्णकटिबंधीय चक्रवात है. यह श्रीलंका के पास समुद्री क्षेत्र में बना और अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसका प्रभाव भारत के दक्षिणी राज्यों में 27 से 30 नवंबर तक बहुत ज्यादा रहेगा.
तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पुदुचेरी और यानम में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. तमिलनाडु के कई जिलों कन्याकुमारी, नागपट्टिनम, तंजावुर, थिरुवरुर, तूतीकोरिन, तिरुनेलवेली में ऑरेंज अलर्ट है. 28-29 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. अंडमान इलाके में तो 27 से 29 नवंबर तक 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चलने के संकेत मिले हैं.
क्या दित्वा दिल्ली, उत्तर प्रदेश या बिहार तक पहुंचेगा?
जवाब है नहीं. साइक्लोन दित्वा का रास्ता पूरी तरह दक्षिण भारत और श्रीलंका के आसपास सीमित रहेगा. लेकिन तूफान की वजह से बनने वाली बड़ी मौसम-प्रणाली और नमी का प्रवाह उत्तर भारत के मौसम को भी प्रभावित कर सकता है.
Cyclonic Storm Ditwah [Pronunciation: Ditwah] over coastal Sri Lanka & adjoining southwestBay of Bengal: Cyclone Alert for north Tamil Nadu & Puducherry andadjoining south Andhra Pradesh coasts (Orange Message)
— India Meteorological Department (@Indiametdept) November 28, 2025
The Cyclonic Storm Ditwah [Pronunciation: Ditwah] over coastalSri… pic.twitter.com/5tws6Xm4F5
साइकलोन के कारण दक्षिण भारत में भारी बारिश होगी, जो उत्तरी भारत तक ठंडी हवाओं का मार्ग साफ कर देगी. दिल्ली, यूपी, बिहार में तापमान 1-2°C कम हो सकता है. दिन में हल्की ठंडक बढ़ सकती है. पूर्वी हवाओं में नमी बढ़ने से यूपी-बिहार में हल्की बादल छाए रह सकते हैं.
खासतौर पर पूर्वी यूपी और बिहार में छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है, हालांकि IMD ने अभी तक किसी तेज बारिश की चेतावनी नहीं दी है. फिलहाल तटीय इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
स्मॉग से राहत मिलने की संभावना
दिल्ली NCR में अगर हवा की दिशा बदली तो प्रदूषण स्तर में थोड़ी गिरावट आ सकती है, हालांकि यह बहुत अधिक नहीं होगा.
कब तक रहेगा दित्वा का असर?
IMD के अनुसार, दित्वा का असर तमिलनाडु में 30 नवंबर तक, आंध्र प्रदेश-यानम और रायलसीमा में 2 दिसंबर तक, केरल में 30 नवंबर तक, तेलंगाना में 1 दिसंबर तक, कर्नाटक में 29-30 नवंबर तक रह सकता है.