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BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन, पीएम मोदी करेंगे 7 देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें... जानें क्या रहेगा आज का शेड्यूल?

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन के बाद आज दूसरा दिन है. आज का कार्यक्रम सुबह करीब 10 बजे से शुरू होगा. जिसके बाद ढाई बजे से पीएम की 7 द्विपक्षीय बैठकें होंगी.

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BRICS Summit 2026, Day 2 BRICS Summit 2026, Day 2

नई दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है. भारत मंडपम में रविवार को एक बार फिर कई देशों के बड़े नेता साथ जुटेंगे. रविवाग की शुरुआत साझेदार और आमंत्रित देशों के नेताओं के पहुंचने से होगी. इसके बाद फैमिली फोटो और BRICS का खास ओपन सेशन होगा. इस दौरान दुनिया के सामने कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

क्या रहेगा आज का शेड्यूल?

BRICS Summit के दूसरे दिन सुबह करीब 9:55 बजे आमंत्रित देशों के नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे. इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी नेताओं की फैमिली फोटो होगी. सुबह 10:50 बजे समिट का ओपन सेशन शुरू होगा. इसका मेन टॉपिक लचीलेपन, नए विचार, सहयोग और टिकाऊ विकास के जरिए सबके लिए बेहतर वैश्विक विकास है. इस बैठक में दुनिया की अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे जाएंगे.

आज PM मोदी करेंगे 7 द्विपक्षीय बैठकें

BRICS Summit के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम काफी बिजी रहने वाला है. पीएम मोदी आज सात अहम द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. दोपहर 2:30 बजे उनकी मुलाकात कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव से होगी. इसके बाद 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर से बातचीत होगी.

दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मिलेंगे. इसके बाद शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ बैठक होगी. शाम 4:40 बजे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये से मुलाकात होगी.

इसके बाद शाम 5:10 बजे नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा और 5:40 बजे युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ पीएम मोदी की बैठक होगी.

पहले दिन कई अहम नेताओं के साथ की बैठकें

BRICS Summit के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कई बड़े नेताओं के साथ बातचीत की. भारत और चीन के संबंधों, रूस के साथ रणनीतिक सहयोग और व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा-पत्र भी सामने आया, जिसमें आतंकवाद, वैश्विक संघर्ष, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था जैसे मुद्दों पर साझा रुख रखा गया.