दिल्ली से गाजियाबाद में प्रवेश करने वाले लाखों लोगों को अब शहर की पहली झलक एक नई सांस्कृतिक पहचान के साथ दिखाई देगी. दिल्ली और गाजियाबाद को जोड़ने वाली करीब 11 किलोमीटर लंबी हिंडन एलिवेटेड रोड को अब आधिकारिक तौर पर 'श्री राम सेतु' के नाम से जाना जाएगा. इसके साथ ही दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर नगर निगम की ओर से एक भव्य 'श्री राम सेतु द्वार' बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है. विशाल धनुष-बाण से सजा यह प्रवेश द्वार शहर की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय परंपरा का प्रतीक माना जा रहा है.
सौंदर्यीकरण के साथ संस्कृति को भी मिला स्थान
नगर निगम ने इस परियोजना को शहर के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए तैयार किया है. करीब एक वर्ष पहले निगम बोर्ड की बैठक में हिंडन एलिवेटेड रोड का नाम बदलकर 'श्री राम सेतु' रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था. इसके बाद प्रवेश द्वार के निर्माण सहित पूरी योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ. निगम का लक्ष्य है कि सावन माह के दौरान यह भव्य द्वार पूरी तरह तैयार होकर लोगों का स्वागत करे.
विशाल धनुष-बाण बनेगा सबसे बड़ा आकर्षण
करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा 'श्री राम सेतु द्वार' पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली पर आधारित है. द्वार के दोनों ओर मंदिर वास्तुकला से प्रेरित विशाल स्तंभ बनाए गए हैं. पूरे ढांचे में हल्के भगवा रंग का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप मिलता है.
इस प्रवेश द्वार की सबसे बड़ी खासियत इसके शीर्ष पर लगाया गया विशाल सुनहरा धनुष और बाण है, जिसे भगवान श्रीराम के शौर्य, मर्यादा और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है. इसके नीचे बड़े अक्षरों में 'श्री राम सेतु' और उसके नीचे 'गाजियाबाद नगर निगम' अंकित किया गया है, जिससे इसकी आधिकारिक पहचान भी स्पष्ट होती है.
शहर की नई ब्रांडिंग पर जोर
नगर निगम का मानना है कि यह पहल केवल सड़क का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि गाजियाबाद की नई सांस्कृतिक पहचान और ब्रांडिंग का हिस्सा है. उद्देश्य यह है कि दिल्ली से आने वाले यात्रियों को शहर में प्रवेश करते ही ऐसा अनुभव मिले, जिससे गाजियाबाद सिर्फ औद्योगिक या आवासीय शहर नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी नगरी के रूप में भी पहचाना जाए. इसी सोच के तहत प्रवेश द्वार के आसपास के क्षेत्र का भी व्यापक सौंदर्यीकरण किया जा रहा है.
एनसीआर का अहम संपर्क मार्ग है हिंडन एलिवेटेड रोड
राजनगर एक्सटेंशन से गाजीपुर बॉर्डर तक फैली यह एलिवेटेड रोड रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है. वर्ष 2018 में करीब 1,147 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई इस सड़क ने दिल्ली और गाजियाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम कर दिया था. आज यह मार्ग एनसीआर के सबसे व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है और बड़ी संख्या में निजी वाहन, सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं.
जल्द पूरा होगा निर्माण
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के अनुसार, 'श्री राम सेतु द्वार' का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जल्द पूरा करने के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली की ओर से गाजियाबाद में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्ग उत्तर प्रदेश के प्रवेश द्वार की तरह हैं, इसलिए इन्हें आकर्षक, सुव्यवस्थित और सांस्कृतिक स्वरूप देने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. वहीं, महापौर सुनीता दयाल का कहना है कि यह पहल गाजियाबाद की नई पहचान बनेगी और शहर आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा एक अलग अनुभव प्रदान करेगी.
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