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दिल्ली सरकार ने दी गुड न्यूज, महामारी के दौरान बढ़ाया मजदूरों का न्यूनतम वेतन

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि गरीब और मजदूर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए महामारी के दौरान यह बड़ा कदम उठाया गया है. इसका फायदा लिपिक और सुपरवाइजर वर्ग के कर्मचारियों को भी मिलेगा.

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मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो) मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
  • इसका फायदा लिपिक और सुपरवाइजर वर्ग के कर्मचारियों को भी मिलेगा.

  • दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ते जोड़कर नए न्यूनतम वेतन की घोषणा की.

दिल्ली सरकार ने मजदूरों को गुड न्यूज देते हुए उनकी न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है. बढ़ोत्तरी के बाद जहां अकुशल श्रमिक का मासिक वेतन 16,064 रुपए होगा, वहीं अर्द्ध कुशल श्रमिक का मासिक वेतन 17,693 रुपए होगा. मजदूरी में बढ़ोत्तरी पर बात करते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में मजदूरों को दी जाने वाली न्यूनतम मजदूरी देश के किसी भी राज्य की तुलना में ज्यादा है. 

मनीष सिसोदिया ने कहा कि गरीब और मजदूर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए महामारी के दौरान यह बड़ा कदम उठाया गया है. इसका फायदा लिपिक और सुपरवाइजर वर्ग के कर्मचारियों को भी मिलेगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ते जोड़कर नए न्यूनतम वेतन की घोषणा की है.उन्होंने कहा कि हालांकि हम सरकार के कई खर्चों में कटौती कर रहे हैं. लेकिन मजदूरों के हित का ध्यान रखते हुए हमने उनका महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है. 

सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ाई गयी 

मनीष सिसोदिया ने कहा कि महंगाई भत्ते के तहत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 15,908 रुपए से बढ़कर हुए 16064 रुपए, अर्ध-कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन भी 17,537 से बढ़कर 17,693 रुपए और कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 19291 रुपए से बढ़ाकर 19473 रुपए किया गया है. इसके अलावा सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी की दरें बढ़ाई गई हैं. इनमें गैर मैट्रिक कर्मचारियों का मासिक वेतन 17537 से बढ़ाकर 17693 रुपये, मैट्रिक लेकिन गैर स्नातक कर्मचारियों का मासिक वेतन 19291 से बढ़ाकर 19473 रुपये तथा स्नातक और इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले मजदूरों का मासिक वेतन 20976 से बढ़ाकर 21184 रुपए कर दिया गया है.

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