Delhi-NCR Weather
Delhi-NCR Weather
दिल्ली-NCR में मौसम ने सितंबर के आखिरी दिनों में अचानक करवट ली है. बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर राजधानी के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है. पिछले दो दिनों से तापमान में गिरावट के चलते लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है. मौसम सुहावना होने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंडक भी महसूस होने लगी है. हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक, इसे अभी सर्दी की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी. आने वाले दिनों में तापमान एक बार फिर बढ़ सकता है.
बारिश और तेज हवा से 3.7 डिग्री गिरा पारा
पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ शनिवार को दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं का असर रविवार को भी देखने को मिला. राजधानी का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम रहा. वहीं सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, साल 2001 के बाद सितंबर में यह दूसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान है. तापमान में गिरावट के चलते सितंबर के आखिरी सप्ताह में ही लोगों को हल्की ठंड का अहसास होने लगा है.
शनिवार को 3-4 दौर में हुई बारिश
दिल्ली में शनिवार को बारिश के तीन से चार दौर देखने को मिले. इस दौरान हवा की रफ्तार भी काफी तेज रही. कई इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. सफदरजंग में कुल 4.9 मिमी बारिश दर्ज की गई. रविवार शाम को भी हल्की बारिश हुई. इसके बाद मौसम और सुहावना हो गया. बारिश के कारण तापमान नीचे आया और लोगों को दिन की गर्मी से राहत मिली.
आज बादल छाए रहेंगे, शाम को हल्की बारिश संभव
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली-NCR में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. दिल्ली में शाम के समय हल्की बारिश होने की संभावना है. हालांकि दिनभर बारिश का दौर चलने की संभावना कम है. फिलहाल राजधानी का मौसम आम दिनों की तुलना में ठंडा बना हुआ है. सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवा चलने से मौसम में बदलाव साफ महसूस किया जा सकता है.
पश्चिमी यूपी में 30 सितंबर तक बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिन मौसम बदला हुआ रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, 28 से 30 सितंबर तक पश्चिमी यूपी में छिटपुट बारिश होने का अनुमान है. इसके बाद मौसम शुष्क हो सकता है. 1 से 3 अक्टूबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का भी असर
मौसम में इस बदलाव की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी से उठा डीप डिप्रेशन/डीप प्रेशर है, जो उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा. इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल और बारिश की स्थिति बनी. इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में सक्रिय Western Disturbance के कारण बारिश और बर्फबारी हुई. पहाड़ों के मौसम में आए इस बदलाव का असर मैदानी इलाकों तक पहुंचा और दिल्ली-NCR में भी तापमान नीचे आया.
अभी इसे सर्दी की शुरुआत मानना जल्दबाजी
दिल्ली-NCR में ठंडक जरूर बढ़ी है, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक इसे स्थायी रूप से सर्दी की शुरुआत नहीं माना जा सकता. फिलहाल कोई नया Western Disturbance सक्रिय नहीं है. ऐसे में अगले कुछ दिनों में मौसम फिर बदल सकता है और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. मानसून की बात करें तो राजस्थान और दिल्ली-NCR से मानसून की विदाई हो चुकी है, जबकि देश के कुछ अन्य हिस्सों में मानसून की वापसी अभी जारी है. कुछ इलाकों में मानसूनी गतिविधियां अब भी सक्रिय हैं और इसी वजह से बारिश हो रही है.
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