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पालम अग्निकांड में अपनी बदनामी छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने लोगों की जान नहीं बचाई- सौरभ भारद्वाज

दिल्ली के पालम अग्निकांड मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि अपनी बदनामी छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने लोगों की जान नहीं बचाई. उन्होंने कहा कि हाईड्रोलिक लिफ्ट नहीं खुलने के बाद लोगों ने गद्दे बिछाकर परिवार को बचाना चाहा, लेकिन फायर बिग्रेड ने गाड़ी नहीं हटाई.

Saurabh Bhardwaj Saurabh Bhardwaj

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पालम अग्निकांड मामले को लेकर कहा कि पालम अग्निकांड में अपनी बदनामी छुपाने के लिए भाजपा सरकार ने लोगों की जान नहीं बचाई, क्योंकि फायर बिग्रेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट के खराब होने के बाद भी स्थानीय लोगों ने आग में फंसे परिवार को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन सरकारी सिस्टम ने उन्हें बचाने नहीं दिया. जब हाइड्रोलिक लिफ्ट काम नहीं की तो लोगों ने जमीन पर गद्दे बिछाने के लिए फायर बिग्रेड की गाड़ी को हटाने को कहा, लेकिन गाड़ी नहीं हटाई है. सरकार को लगा कि अगर गद्दे बिछाने से लोग बच गए तो उसकी बदनामी होगी कि उसकी फायर बिग्रेड नाकाम रही. इसलिए परिवार के 9 लोगों मरने दिया गया.

बीजेपी पर बरसे सौरभ भारद्वाज-
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पालम अग्निकांड के दौरान जिस मकान में आग लगी थी, उसके बिल्कुल बगल में गद्दों की दुकान है, जिसमें सैकड़ों गद्दे रखे हुए थे. वहां के करीब 500 स्थानीय लोग और दुकानदार पुलिस व फायर ब्रिगेड से विनती कर रहे थे कि वे अपनी खराब गाड़ी को वहां से हटाएं और हमें गद्दे बिछाने दें. अगर गद्दे बिछ जाते, तो ऊपर फंसे लोग कूदकर अपनी जान बचा सकते थे, क्योंकि तीसरी मंजिल की बालकनी ज्यादा ऊंची नहीं होती. वह मात्र 30 से 32 फुट की ऊंचाई पर होती है.

सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अगर पहली गाड़ी तारों की वजह से नहीं खुल पा रही थी, तो फिर दूसरी गाड़ी कैसे खुल गई, क्योंकि तार तो वहीं मौजूद थे? सरकार सिर्फ अपनी जान बचाना चाहती थी, उन 9 लोगों की जान नहीं बचाना चाहती थी. अगर सरकार सच में उनकी जान बचाना चाहती, तो लोगों को गद्दे बिछाने दिए जाते. लेकिन इससे सरकार की पोल खुल जाती कि उनकी फायर ब्रिगेड काम नहीं करती है. सरकार को लगा कि अगर लोग बच भी गए, तो उनकी बदनामी हो जाएगी. इसलिए अपनी बदनामी से बचने के लिए उन्होंने 9 लोगों को मरने दिया.

सरकार की लापरवाही- सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि देश को देखना चाहिए कि इस अग्निकांड में आखिर किन बेकसूर लोगों की जान गई है. वीडियो में नौ लोगों की नौ चिताएं जलती हुई दिखनी चाहिए थीं, लेकिन वहां सिर्फ आठ ही चिताएं हैं. आठ चिताएं इसलिए हैं क्योंकि 70 साल की एक बुजुर्ग मां अपनी जवान बेटी को बचाने के लिए उसे गले से लगाए रही, ताकि बेटी बच जाए भले ही मां जल जाए. आग में उनकी लाशें आपस में इस कदर चिपक गईं कि मरने के बाद भी अलग नहीं हो सकीं. इसीलिए आठ चिताओं में नौ लोगों के शव जलाए गए, क्योंकि एक चिता पर मां-बेटी के दोनों शव एक साथ चिपक कर जले थे. यह सब सरकार की लापरवाही ने लोगों के साथ किया है और यह कल को किसी के साथ भी हो सकता है. कफन में लिपटी हुई वे लाशें किसी के भी घर की हो सकती थीं.

सरकार केवल खुद को बचाने में लगी हुई है- सौरभ
सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि जब जनकपुरी में कमल ध्यानी गड्ढे में गिर गया था, तो भाजपा मंत्री ने सुबह-सुबह पहुंचकर सबसे पहले यही कहा था कि सब जगह बैरिकेडिंग थी और विभाग की कोई गलती नहीं थी. मानो वह हवा से कूदकर गड्ढे में गिरकर मर गया हो. इस अग्निकांड में भी भाजपा सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों की जान बचाने की थी, लेकिन सरकार केवल खुद को बचाने में लगी हुई है. सरकार यह झूठ हर जगह फैला रही है कि उनके विभागों और पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया तथा फायर ब्रिगेड की सारी गाड़ियां ठीक थीं.
 
बहाने बना रहे हैं कि सड़क तंग थी- सौरभ
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार में बैठे लोग यह बहाना बना रहे हैं कि सड़क तंग थी, जबकि वहां मौजूद सभी लोगों ने देखा है कि वह 30 फुट चौड़ी सड़क है, तो वह तंग कैसे हो सकती है? स्थानीय भाजपा विधायक कह रहे हैं कि वहां ट्रैफिक जाम था, जबकि सुबह 7 बजे तो दुकानें भी नहीं खुली थीं, तो वहां ट्रैफिक जाम कैसे हो सकता था? मैंने खुद देखा कि जो भी व्यक्ति वीडियो बना रहा था, उसे पुलिस वहां से खदेड़ रही थी. ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि कोई वीडियो न बना सके, कोई सबूत इकट्ठा न कर सके और कोई सरकार से सवाल ही न पूछ सके. इस वक्त भी पूरी सेंसरशिप लगाकर यह कोशिश की गई कि सच्चाई बाहर न आए. जब किसी बड़े वीआईपी नेता की 80 साल की उम्र में मौत होती है और उसकी चिता जलती है, तो उसे महान नेता बताकर दिखाया जाता है, लेकिन इन बेकसूर लोगों की चिताएं कहीं भी नहीं दिखाई गईं.

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