Rekha gupta
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दिल्ली सरकार ने मंगलवार को दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी के नए संस्करण की घोषणा की. इसके तहत हर महीने औसतन 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती भुगतान के लगाए जाएंगे.
सोलर पॉलिसी में बदलाव- सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को चिन्हित किया और दिल्ली में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नीति में बदलाव किए हैं.
सीएम ने कहा कि आज कैबिनेट की बैठक में हमने दिल्ली को सौर ऊर्जा की दिशा में मजबूती से ले जाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. हमारा विजन विकसित भारत और विकसित दिल्ली है, क्योंकि विकसित भारत का रास्ता निश्चित रूप से विकसित दिल्ली से होकर जाएगा.
किसको मिलेगा मुफ्त सोलर सिस्टम?
उन्होंने कहा कि संशोधित नीति के तहत केंद्र और दिल्ली सरकार से मिलने वाली सब्सिडी को समायोजित करने के बाद रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की बची हुई लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी. 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक का सिस्टम बिना कोई अग्रिम इंस्टॉलेशन शुल्क दिए लगवाने की सुविधा मिलेगी.
2.3 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य- सीएम
सीएम गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 2.3 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने और इस अवधि में अतिरिक्त 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने का है।
दिल्ली ने सोलर नीति में क्यों किया बदलाव-
गुप्ता के मुताबिक, पहले की व्यवस्था के क्रियान्वयन में तीन प्रमुख बाधाएं सामने आई थीं. पहली बड़ी समस्या सोलर पैनल लगाने की शुरुआती लागत थी. अब सरकार ने पांच साल में किस्तों या चरणों में मिलने वाले प्रोत्साहन की जगह वित्तीय लाभ को इंस्टॉलेशन के समय ही उपलब्ध कराने का फैसला किया है.
दूसरी समस्या सिस्टम के ऑपरेशन और मेंटेनेंस को लेकर थी. नई व्यवस्था के तहत चयनित वेंडर पहले पांच वर्षों तक रूफटॉप सोलर सिस्टम का मुफ्त संचालन और रखरखाव करेगा.
गुप्ता ने कहा कि वेंडर पांच साल तक सिस्टम का पूरी तरह मुफ्त संचालन और रखरखाव करेगा. सरकार ने घरेलू सोलर सिस्टम के लिए आवेदन और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी खत्म कर दिया है.
नेट मीटरिंग का समय 75 दिन से घटाकर 25 दिन-
दिल्ली सरकार ने घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए नेट मीटरिंग की प्रक्रिया का समय करीब 75 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया है. घरों में सोलर सिस्टम से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को बिजली वितरण कंपनियों को दी जाएगी. इसके लिए लागू व्यवस्था के तहत भुगतान भी किया जाएगा.
सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के लिए आईपीजीसीएल के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाने की बात कही है.
उपभोक्ता नहीं, बिजली उत्पादक बनेंगे घर- सीएम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बिजली बिल कम करना या सब्सिडी देना नहीं है, बल्कि दिल्ली के घरों को बिजली का उत्पादक बनाना है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में हमारा उद्देश्य केवल लोगों को 200 यूनिट की सब्सिडी देना या उनके बिजली बिल कम करना नहीं है. हमारा लक्ष्य ऐसे घर बनाना है जो वास्तव में बिजली पैदा करें. उन्होंने कहा कि ग्राहक अब केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि बिजली का उत्पादक बनेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य दिल्ली की हर उपयुक्त छत पर सोलर पैनल लगाना है. सरकार ने सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है.
अब तक 10,073 सोलर इंस्टॉलेशन-
सीएम गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में फिलहाल 10,073 सोलर इंस्टॉलेशन हैं, जिनमें सरकारी इमारतों की हिस्सेदारी काफी बड़ी है.
उन्होंने माना कि जिन घरों में पर्याप्त रूफटॉप स्पेस उपलब्ध नहीं है, उनके लिए अलग तरह की चुनौतियां हैं और सरकार इनका समाधान तलाशने पर काम कर रही है.
500 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता का लक्ष्य-
सरकार ने मार्च 2027 तक अतिरिक्त 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने और 2.3 लाख घरों को जीरो-अपफ्रंट-कॉस्ट कार्यक्रम के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा है.
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कैबिनेट ने दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी 2023 में संशोधन को मंजूरी दी है. उन्होंने इसे उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव को तेज करने की दिशा में बड़ा फैसला बताया.
सरकार ने कहा कि मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी और रूफटॉप सोलर के लाभ भी मिलेंगे. यानी पात्र घरेलू उपभोक्ता दोनों सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.
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