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Ethanol Fuel: आखिर क्या है E20, E85 और E100 में अंतर? अपने वाहन में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल डलवाने से पहले जान लें कौन-सा फ्यूल है सुरक्षित, गडकरी ने कही यह बड़ी बात   

E20 Fuel Policy: पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के बीच सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है. E20 पेट्रोल का अब धड़ल्ले से इस्तेमाल भी होने लगा है. क्या आप जानते हैं कि E20, E85 और E100 में क्या अंतर है और आपकी गाड़ी के लिए कौन-सा ईंधन बेहतर है. यहां आप इसके बारे में जान सकते हैं. केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के आलोचकों को चुनौती दे दी है. गडकरी ने कहा है कि कोई एक भी कार का नाम बताएं जिसमें E20 फ्यूल की वजह से कोई दिक्कत आई है.

What is the Difference Between E20, E85, and E100 What is the Difference Between E20, E85, and E100

केंद्र सरकार कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) को तेजी से बढ़ावा दे रही है. गन्ना, अनाज और खेती के कचरे से बनने वाले इथेनॉल के इस्तेमाल से तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी.

E20 पेट्रोल का अब धड़ल्ले से इस्तेमाल भी होने लगा है. सरकार, E-25,  E-30, E85 व E100 को लाने की भी तैयारी में है. हालांकि सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल को लेकर कई तरह के दावे और अफवाहें भी वायरल हो रही हैं. इसमें कहा जा रहा है कि इससे गाड़ियां खराब हो रही है और गाड़ियों का माइलेज कम होने की शिकायत आ रही है. हालांकि सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद बताया है. क्या आप जानते हैं कि E20, E85 और E100 में क्या अंतर है और आपकी गाड़ी के लिए कौन-सा ईंधन बेहतर है. यहां आप इसके बारे में जान सकते हैं. 

क्या है E20, E85 और E100 फ्यूल
E20, E85 और E100 में शामिल E का मतलब इथेनॉल है और उसके बाद लिखी संख्या यह बताती है कि उस ईंधन में कितने प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ है. E20 में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है. E85 में 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है. E100 ईंधन में 100 प्रतिशत इथेनॉल होता है यानी 0% पेट्रोल. यह पूरी तरह से शुद्ध बायोफ्यूल है. 

क्या E20, E85 और E100 फ्यूल एक-दूसरे की जगह किए जा सकते हैं इस्तेमाल 
अब सवाल उठ रहा है कि क्या E20, E85 और E100 फ्यूल एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किए जा सकते हैं तो इसका जवाब है नहीं. किस वाहन में कौन-सा फ्यूल सुरक्षित रहेगा, यह पूरी तरह वाहन निर्माता की मंजूरी और ओनर्स मैनुअल पर निर्भर करता है. ऐसे में आप अपनी गाड़ी में फ्यूल भरवाने से पहले वाहन की सिफारिश जरूर जांचें. ऐसा नहीं करने पर आपकी गाड़ी खराब हो सकती है. आपको मालूम हो कि E100 का इस्तेमाल सिर्फ विशेष रूप से विकसित वाहनों में ही किया जा सकता है. सामान्य पेट्रोल इंजन इसके लिए उपयुक्त नहीं होते हैं.

क्या हमारे देश में ईंधन चुनने का है विकल्प 
आपको मालूम हो कि हमारे देश में वाहन मालिकों के पास पेट्रोल पंप पर अलग-अलग ईंधन चुनने का विकल्प नहीं है. उधर, ब्राजील में जहां सबसे अधिक इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है, वहां ग्राहकों को अलग-अलग कीमतों पर ईंधन चुनने का विकल्प मिलता है. ब्राजील में उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर मूल्य छूट देना अनिवार्य है जबकि हमारे देश में अभी ऐसा कोई विकल्प नहीं है.

क्या इथेनॉल इंजन को कर देता है खराब 
कुछ लोग E20 फ्यूल को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं. ऐसे लोगों का कहना है कि E20 से इस्तेमाल से गाड़ियां खराब हो रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों का यह सवाल पूरी तरह सही नहीं है कि इथेनॉल इंजन खराब कर देता है. असली समस्या तब होती है जब वाहन की क्षमता से अधिक इथेनॉल वाला ईंधन इस्तेमाल किया जाता है. यदि आपकी गाड़ी E20 कंपैटिबल है तो E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान नहीं होना चाहिए. वाहन निर्माता पहले ही फ्यूल लाइन, सील और इंजन के अन्य जरूरी हिस्सों को इस ब्लेंड के अनुरूप तैयार कर चुके होते हैं. यदि सामान्य पेट्रोल इंजन में E85 या E100 जैसे हाई-इथेनॉल फ्यूल का इस्तेमाल किया जाए तो समस्या पैदा हो सकती है. ऑटोमोबाइल कंपनियां जैसे टोयोटा, मारुति सुजुकी, महिंद्रा और हीरो मोटोकॉर्प आदि का कहना है कि E20 को व्यापक परीक्षण के बाद पेश किया गया है. जिन गाड़ियों को E20 के अनुरूप बनाया गया है, उनमें इसका उपयोग सुरक्षित है.

क्या इथेनॉल के प्रयोग से क्या कम हो सकता है माइलेज 
कुछ वाहन मालिकों को लगता है कि इथेनॉल वाले ईंधन से माइलेज कम हो जाता है. वाहनों को समान दूरी तय करने के लिए अधिक इथेनॉल की जरूरत पड़ेगी. इसका कारण इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता है. आपको मालूम हो कि पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल में कम ऊर्जा होती है. ऐसे में समान पावर पैदा करने के लिए इंजन को थोड़ा ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है. हालांकि E20 के लिए डिजाइन गाड़ियों में यह अंतर अधिक नहीं होता है, क्योंकि इंजन को उसी हिसाब से तैयार किया गया है. E85 और E100 में माइलेज में अधिक गिरावट देखी जा सकती है, खासकर यदि वाहन फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल न हो.

E20 फ्यूल को लेकर गडकरी ने कही यह बात 
केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के उपयोग से गाड़ियों को होने वाली समस्याओं के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि उच्च इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को लेकर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं. गडकरी ने विकसित भारत कॉन्क्लेव में कहा कि भारत में किसी भी गाड़ी को ई20 पेट्रोल से कोई दिक्कत नहीं हुई है. गडकरी ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता एक आर्थिक बोझ है.

सरकार ने E-25 पेट्रोल लाने की खबरों को भी खारिज किया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल एथेनॉल ब्लेंडिंग को मौजूदा E-20 (20%) के स्तर से आगे बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. भविष्य में ऐसा कोई भी कदम पूरी तरह से वैज्ञानिक परीक्षणों और तकनीकी सत्यापन के आधार पर ही उठाया जाएगा. वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे E-20 पेट्रोल को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद देश में पिछले ढाई साल से भी अधिक समय से इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है. पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने (Blending) का काम बेहद चरणबद्ध तरीके से किया गया है. देश में करीब 20 करोड़ पेट्रोल-चालित दोपहिया वाहन और लगभग 20 लाख पेट्रोल-चालित चौपहिया वाहन पहले से ही बिना किसी समस्या के एथेनॉल-मिश्रित ईंधन पर चल रहे हैं. सरकार ने दोहराया कि E-20 कोई बिना जांचा-परखा ईंधन नहीं है, बल्कि दुनिया भर में पिछले कई दशकों से एथेनॉल-मिश्रित ईंधन का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा रहा है.