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Telangana Election 2023: क्या है तेलंगाना सरकार की रायथु बंधु योजना, क्यों चुनाव आयोग ने इसे जारी रखने की इजाजत ली वापस? यहां जानिए

बीआरएस सरकार ने कहा कि पीएम किसान निधि योजना पर रोक नहीं लगी है और उसका पैसा किसानों को मिला है. रायथु बंधु योजना भी वैसी ही है. उसने चुनाव आयोग से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और रायथु बंधु योजना को मंजूरी देने की अपील की है.

सीएम के.चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो) सीएम के.चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
  • तेलंगाना में 30 नवंबर को होने वाला है विधानसभा चुनाव

  • 2018 में की गई थी रायथु बंधु योजना की शुरुआत 

तेलंगाना में 30 नवंबर 2023 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य सरकार की रायतु बंधु योजना को चालू रखने की इजाजत वापस लेने का फैसला किया है. इससे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को बड़ा झटका लगा है. आइए जानते हैं क्या है यह योजना और चुनाव आयोग ने क्यों लिया ऐसा फैसला?

क्या है सायथु बंधु योजना
तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव ने वर्ष 2018-19 में किसानों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए रायथु बंधु योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत राज्य सरकार किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे रुपए ट्रांसफर करती है. इस योजना के तहत तेलंगाना राज्य के किसानों को पहले हर साल 8 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मिलती थी. इसे बाद में बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया गया. राज्य सरकार किसान के बैंक खाते में 5000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से पैसे साल में दो बार ट्रांसफर करती है. 

एक बार खरीफ की फसल के लिए और एक बार रबी की फसल के लिए के लिए पैसा दिया जाता है. यह राशि सरकार किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक, श्रम और अन्य चीजों को खरीदने के लिए देती है. इस योजना को किसान निवेश सहायता योजना (FISS) के रूप में भी जाना जाता है. इस योजना ने छोटे पैमाने के खाद्य उत्पादकों की मदद को प्राथमिकता दी है. इस योजना का कुल बजट 120 अरब रुपए है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के तहत अबतक तेलंगाना सरकार 70 हजार करोड़ रुपए राज्य के किसानों के खातों में ट्रांसफर कर चुकी है और करीब 60 लाख किसानों को इससे फायदा हुआ है. बीआरएस ने रायथु बंधु योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाकर 16 हजार रुपए प्रति वर्ष करने का ऐलान किया है. 

आयोग ने इस वजह से उठाया ये कदम
तेलंगाना की केसीआर सरकार ने चुनाव आयोग से रायथु बंधु योजना के तहत राज्य के किसानों के बैंक खातों में 24 नवंबर से सब्सिडी का पैसा वितरित करने की मंजूरी मांगी थी. इसपर चुनाव आयोग ने मंजूरी भी दी थी. निर्वाचन आयोग ने अनुमति दी थी कि वह 28 नवंबर से पहले किसानों को रायथु बंधु योजना के तहत राशि वितरित कर सकती है. बीआरएस ने इस पर काम भी शुरू कर दिया था. इस बीच बीआरएस के स्टार प्रचारक और तेलंगाना सरकार के वित्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी हरीश राव ने एक जनसभा में रायथु बंधु योजना को लेकर अनुमति देने की शर्तों का उल्लंघन कर दिया. 

उन्होंने एक जनसभा में कहा कि रायथु बंधु का भुगतान 28 नवंबर को किया किया जाएगा. किसानों को चाय-नाश्ता खत्म होने से पहले उनके खाते में राशि जमा हो जाएगी. चुनाव आयोग ने कहा कि मंत्री टी हरीश राव ने मतदान की तारीख से पहले एक विशेष समय तक रायथु बंधु योजना के वितरण के संबंध में बयान दिया. आयोग ने पाया है कि राव ने ऐसा कर न केवल आचार संहिता का उल्लंघन किया है बल्कि योजना के तहत रिलीज को प्रचारित करके शर्तों का भी उल्लंघन किया है. इस तरह चल रही चुनाव प्रक्रिया में समान अवसर को बाधित किया है. इसलिए आयोग ने इस योजना को जारी रखने की अनुमति नहीं दी.

कांग्रेस ने की थी शिकायत
रविवार को कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त से रायथु बंधु योजना को लेकर शिकायत की थी. सीईसी राजीव कुमार को लिखे पत्र में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता चुनाव आयोग की मंजूरी को मतदाताओं को "प्रभावित करने" के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और इसे ऐसे प्रचारित कर रहे हैं जैसे वो इसे अपनी जेब से दे रहे हों. वहीं बीआरएस नेता कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कांग्रेस उनके काम में अडंगा लगा रही है.

बीआरएस का पलटवार
बीआरएस नेता के कविता ने कहा, 'यह कोई ऐसी योजना नहीं है जो अभी चुनाव के दौरान शुरू की गई है. यह स्कीम तो कई वर्षों से चली आ रही है. सवाल उठाया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने पहली बार इस पर रोक क्यों लगाई? कांग्रेस पार्टी ने बार-बार चुनाव आयोग से इसे रोकने के लिए कहा है. हमारे कानूनी तरीके ने चुनाव आयोग को इसके बारे में समझाने की कोशिश की है. पिछले 10 वर्षों में अब तक हमने 65 लाख से अधिक किसानों को रायथु बंधु योजना का लाभ दिया है. हमारी योजनाओं के कारण किसान और जनता हमारे साथ है, यह बात कांग्रेस पचा नहीं पा रही है और शिकायत कर रही है.

चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी
चुनाव आयोग के फैसले के बाद बीआरएस सरकार ने आयोग को चिट्ठी लिखकर अपने फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की है. चिट्ठी में बीआरएस सरकार ने लिखा कि रायथु बंधु योजना मई 2018 से चल रही है. अब रबी के सीजन के लिए बुवाई हो रही है. ऐसे में किसानों को सब्सिडी का पैसा मिलना चाहिए. बीआरएस सरकार ने कहा कि पीएम किसान निधि योजना पर रोक नहीं लगी है और उसका पैसा किसानों को मिला है. रायथु बंधु योजना भी वैसी ही योजना है, अगर योजना के तहत पैसे के वितरण पर रोक लगाई गई तो इससे किसानों को नुकसान होगा. इस आधार पर बीआरएस ने चुनाव आयोग से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और रायथु बंधु योजना को मंजूरी देने की अपील की है.