Traffic Challan Rule
Traffic Challan Rule
अगर आपका ट्रैफिक चालान कट चुका है और आपने अभी तक उसका भुगतान नहीं किया है, तो हो सकता है वो पैसा आपके बिजली बिल में सुप्रीम कोर्ट ने लंबित ई-चालानों की वसूली को लेकर सुनवाई के दौरान कहा कि सिर्फ चालान काटना काफी नहीं है, बल्कि बकाया जुर्माने की वसूली के लिए जमीन पर असरदार कदम उठाने होंगे. कोर्ट ने एक सुझाव के तौर पर यह भी कहा कि लंबे समय से बकाया ट्रैफिक चालान को बिजली बिल के बकाये से जोड़ने का तरीका तलाशा जा सकता है. हालांकि, यह अभी कोई आदेश या लागू नियम नहीं है.
करीब 45 हजार करोड़ के ई-चालान बकाया
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए के ई-चालान की वसूली बाकी है. इनमें से लगभग 25 हजार करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है. इसी को लेकर कोर्ट ने कहा कि पुलिस हजारों या लाखों ई-चालान जारी कर सकती है, लेकिन असली चुनौती इन चालानों से लगाए गए जुर्माने को वसूल करना है. जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे लोग बकाया चालान का भुगतान करें.
बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव क्या है?
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुझाव दिया कि अगर कोई व्यक्ति ट्रैफिक चालान नहीं भरता है, तो उसके बकाये को बिजली के बिल से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जा सकता है. कोर्ट की टिप्पणी का मकसद ऐसा व्यावहारिक तरीका तलाशना था, जिससे बकाया राशि की वसूली हो सके. लेकिन आम लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि फिलहाल ऐसा कोई नियम लागू नहीं हुआ है. यानी अभी यह नहीं कहा जा सकता कि ट्रैफिक चालान नहीं भरने पर वह अपने आप आपके बिजली बिल में जुड़ जाएगा.
चालान नहीं भरने पर और क्या हो सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बकाया चालानों की वसूली के लिए कई दूसरे विकल्पों पर भी चर्चा की. इनमें लंबित चालान वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के रिन्यूअल पर रोक लगाने का विकल्प शामिल है. इसके अलावा ऐसे वाहनों का डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने और वाहन का मालिकाना हक दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करने पर भी रोक लगाने पर विचार किया गया.
फिटनेस और PUC पर भी लग सकती है रोक
कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि जब तक वाहन से जुड़े पुराने चालान का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उसका फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाए. इसी तरह ऐसे वाहनों को परिवहन विभाग के Parivahan पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने का विकल्प भी चर्चा में आया. इसके अलावा बकाया चालान वाले वाहन के लिए PUC सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगाने और ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल को रोकने जैसे उपायों पर भी विचार किया गया.
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