हापुड़ के ब्रजघाट के श्मशान घाट पर बृहस्पतिवार की दोपहर पुतले के अंतिम संस्कार की कोशिश करते हुए दिल्ली के दो युवकों के पकड़े जाने के बाद, इस मामले में जिला प्रशासन और नगरपालिका गढ़ ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. अब मृतक के शव का चेहरा और उसका आधार कार्ड अथवा कोई भी पहचान पत्र देखने के बाद ही रजिस्टर में मृतक के नाम की एंट्री की जाएगी और उसके अंतिम संस्कार की अनुमति मिल पाएगी.
पूरा मामला
बृहस्पतिवार की दोपहर दिल्ली निवासी कमल सोमानी और आशीष खुराना 50 लाख रुपए का बीमा क्लेम हड़पने की साजिश रचकर पुतला कार में रखकर ब्रजघाट श्मशान घाट पहुंचे थे. जहां उन्होंने मृतक का नाम अंशुल बताया. जिसकी मौत दिल्ली के अस्पताल में होने के बाद पोस्टमार्टम के उपरांत दाह संस्कार की बात कही. लेकिन शव को कार से उतारने के दौरान वजन काफी कम होने पर वहां तैनात पालिका कर्मी नितिन ने मृतक का चेहरा दिखाने को कहा. जिस पर दोनों युवक बहानेबाजी करने लगे. इसी दौरान कर्मचारी ने शव के से कपड़ा हटाया, तो प्लास्टिक का पुतला नजर आया. मौके पर पहुंची पुलिस के पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ. जिसमें कमल सोमानी ने बताया कि 50 लाख का कर्जा उतारने के लिए अंशुल के नाम पर कराए गए बीमे की रकम हड़पने के लिए उसने यह साजिश रची थी.
डीएम अभिषेक पांडेय ने जारी किया निर्देश
इस मामले के बाद हापुड़ के डीएम अभिषेक पांडेय ने निर्देश दिए कि , मृतक की पहचान का कोई भी प्रमाण मिलने के बाद ही उनके नाम की एंट्री रजिस्टर में करी जानी चाहिए. जिसमें लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, श्मशान घाट की चहारदीवारी कराकर एंट्री गेट बनवाया जाएगा. इसी गेट से अंतिम यात्रा वाहन श्मशान घाट में पहुंचेंगे. मृतक की पूरी पहचान के बाद ही पालिका स्तर से दाह संस्कार प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा.
(रिपोर्ट- देवेंद्र कुमार शर्मा)
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